आस्ताना हज़रत मैकश ख़ानक़ाह ए क़ादरिया नियाज़िया,मेवा कटरा पर ग्यारहवें रोज़े का आयोजन




एक ही सफ़ में खड़े हो गये मेहमूदो अयाज़,

 ना कोई बन्दा रहा ना कोई बन्दा नवाज़।

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : आस्ताना हज़रत मैकश ख़ानक़ाह ए क़ादरिया नियाज़िया,मेवा कटरा सेब का बाज़ार पर ग्यारहवें रोज़े का आयोजन किया गया। इस मौके पर हिन्दू- मुस्लिम एकता का संगम देखने को मिला।

संत हज़रत सय्यद असग़र अली शाह ने सन् 1904 मे विसाल हुआ (देह त्यागा),उस दिन रमज़ान की 11 तारीख़ थी  सन् 1905 से ये उर्स मनाया जाता है इस साल भी आप का 121वां उर्स शरीफ निहायत आदर अदबो ए एहतराम के साथ 1 मार्च 2026 इतवार को मनाया गया।

कुरान-ख़व्वानी  3:30 बजे  हुईं महफिल कव्वाली शाम 5 से 6:15 बजे  तक हुई उसके बाद रंग की महफिल हुई  और रोज़ा इफतार और लंगर कराया गया,सज्जादा नशीन मखदूम पीर सैय्यद अजमल अली शाह चिश्ती क़ादरी जाफरी ने  दुआ की देश मे सौहार्द के लिये,दर्शन करने वालों एंव उर्स मे शिरकत करने वालों के परेशानियों के लिये ख़ासकर रोज़ा खोलने से पहले दुआ हुई। महफिल ए रोज़ा इफ़्तार मे शहर के सैकड़ों लोगों ने अक़ीदतो अदब से शिरकत की।

रिपोर्ट : असलम सलीमी