पालीवाल पार्क में नागरिकों का संकल्प,सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की उठी मांग
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा : 22 अप्रैल,अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर आगरा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। शहर के मध्य स्थित पालीवाल पार्क में प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान नागरिकों ने एक स्वर में “विलायती बबूल हटाओ, देशी वृक्ष लगाओ” का आह्वान किया।
इस मौके पर सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता के.सी. जैन ने उपस्थित लोगों को विलायती बबूल (Prosopis Juliflora) के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि यह विदेशी आक्रामक प्रजाति न केवल भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन करती है, बल्कि देशी वनस्पतियों को नष्ट कर जैव-विविधता को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है।
नागरिकों में चिंता,एकमत मांग
जागरूकता के दौरान कई नागरिक यह जानकर हैरान रह गए कि जिन पेड़ों के बीच वे वर्षों से टहलते आए हैं, वे पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं। उपस्थित सभी लोगों ने एकमत होकर पालीवाल पार्क से विलायती बबूल के पेड़ों को हटाने की मांग की।
देशी वृक्षों को बढ़ावा देने की पहल
नागरिकों ने सुझाव दिया कि बबूल हटाने के बाद गूलर (Ficus racemosa) और पाखर (Ficus rumphii) जैसे फलदार देशी वृक्ष लगाए जाएं, जिन्हें “वन के अन्न-कारखाने” कहा जाता है। इसके अलावा पीपल, नीम, बरगद, जामुन और अर्जुन जैसे छायादार वृक्षों के रोपण पर भी जोर दिया गया।
अन्य उद्यानों और स्मारकों के लिए भी उठी मांग :
नागरिकों ने संजय प्लेस पार्क और सर्किट हाउस उद्यान को भी विलायती बबूल से मुक्त कराने की मांग उठाई। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अंतर्गत आने वाले स्थलों—बुरिया का ताल, मरियम मकबरा, ताज व्यू गार्डन और सिकंदरा परिसर—से भी इस विदेशी प्रजाति को हटाने पर बल दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला :
अधिवक्ता जैन ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 20 मार्च 2026 के अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में आक्रामक विदेशी प्रजातियों को हटाकर देशी प्रजातियों के पुनर्स्थापन को प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
प्रशासन से जल्द होगी वार्ता :
अभियान में यह निर्णय लिया गया कि जल्द ही आगरा मंडलायुक्त कार्यालय से भेंट कर इस विषय में आवश्यक कार्रवाई शुरू कराने का अनुरोध किया जाएगा।
पृथ्वी दिवस पर लिया गया संकल्प :
अंत में सभी नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे अपनी धरती को प्लास्टिक-मुक्त, विदेशी प्रजाति-मुक्त और स्वच्छ बनाए रखने के लिए सक्रिय योगदान देंगे। “पालीवाल पार्क की उपजाऊ धरती तैयार है-अब इंतजार है देशी वृक्षों का।”
रिपोर्ट : असलम सलीमी

