कठोर अनुशासन और आत्मसंयम के प्रतीक थे महर्षि परशुराम



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा एवं ब्राह्मण प्रोफेशनल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में भगवान परशुराम का प्राकट्योत्सव नागरी प्रचारिणी सभा के पुस्तकालय भवन में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. कुसुम चतुर्वेदी रहीं, जबकि अध्यक्षता पं. महेश शर्मा ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज, मुख्य संरक्षक पं. महेश शर्मा, ब्राह्मण प्रोफेशनल एसोसिएशन के सचिव डॉ.पंकज नगाइच, डॉ. सिद्धार्थ दुबे सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया।

सरस्वती वंदना डॉ. शशि तिवारी ने प्रस्तुत की, वहीं किरन शर्मा एवं कल्पना शर्मा ने भगवान परशुराम की आरती की। अतिथियों का स्वागत नीलम शमी द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने कहा कि महर्षि परशुराम ने शिव से शस्त्र विद्या प्राप्त करने हेतु वर्षों तक कठोर तप किया। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें परशु प्रदान किया, जो उनकी शक्ति का प्रतीक बना।

डॉ. मधु भारद्वाज ने कहा कि अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि परशुराम केवल योद्धा ही नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और आत्मसंयम के जीवंत उदाहरण थे।

अध्यक्ष पं. महेश शर्मा ने समाज में एकता पर जोर देते हुए कहा कि भगवान परशुराम का संदेश आज भी प्रासंगिक है और हमें उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। डॉ. शशि तिवारी ने कहा कि उनके गुणों को आत्मसात कर समाज में एकता और राष्ट्र निर्माण को सशक्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान कवि रामेन्द्र शर्मा ‘रवि’, प्रभुदत्त उपाध्याय एवं वंदना तिवारी ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। साथ ही भगवान परशुराम से संबंधित क्विज प्रतियोगिता का आयोजन नीलम शर्मा द्वारा कराया गया।

इस अवसर पर ममता पचौरी, ललिता जोशी, रेखा जोशी, अभिषेक दीक्षित, विजय तिवारी, अनीता गौतम, पूजा भारद्वाज, अपूर्व शर्मा, उमा शंकर, अरुण सारस्वत, मीनाक्षी दीक्षित सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन किरन शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ममता पचौरी ने व्यक्त किया। अंत में सभा के सचिव स्व. अनिल शर्मा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

रिपोर्ट : असलम सलीमी