प्रदेश के प्रमुख पर्यटन क्षेत्र ताजगंज में पानी की जबरदस्त किल्लत



दिनभर पानी के इंतजाम में लगे रहते हैं नागरिक

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। ताजनगरी के प्रमुख पर्यटन क्षेत्र ताजगंज में जलभराव और दूषित जलापूर्ति ने विकराल रूप ले लिया है। ताजगंज पुरानी मंडी और उसके आसपास के मोहल्लों में पिछले 15 दिनों से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। प्रशासन की इस अनदेखी के कारण क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दूषित पानी के सेवन से घरों में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। कई बच्चे दस्त (डायरिया) और पेट दर्द की चपेट में हैं, जिससे अभिभावकों में भारी रोष है।

पर्यटन पर बुरा असर :

यह पूरा क्षेत्र होटलों और गेस्ट हाउसों से भरा हुआ है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक आकर रुकते हैं। पर्यटकों के लिए होटलों में तैयार होने वाले खाने में भी इसी पानी का उपयोग होने की आशंका है,जिससे ताजनगरी की छवि धूमिल हो रही है। इन जल किल्लत वाले मुहल्लों में, दुनिया को 'आदमीनामा' और 'बंजारानामा' जैसी कालजयी रचनाएं देने वाले प्रख्यात उर्दू नज्मकार नजीर अकबराबादी की यादों को समेटे , नजीर की ऐतिहासिक मलको गली समेत पुरानी मंडी चौराहा ,तांगा स्टैंड,गड़इया ,आपा की मज़ार वाली गली, नज़ीर अकबराबादी रोड का मैदान आदि के अलावा ताजमहल पूर्वी गेट के पास के मुहल्ले भी शामिल हैं।

कोई सुनने को तैयार नहीं :

ताजगंज जल संस्थान के तृतीय जोन के तहत आता है,गंगाजल की पाइप लाइन के माध्यम से यहां सप्लाई है। गंगाजल पाइप लाइन प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के समय ताजगंज के लोगों को अश्वस्त किया गया था कि सातों दिन चौबीसों घंटे (24× 7) की सप्लाई हुआ करेगी।जबकि अब इसके ठीक विपरीत स्थितियां हैं। लोगों को जो जानकारियां मिल रही है,उनके मुताबिक जल निगम के द्वारा पाइप लाइन डालने का काम निम्न स्तर का किया हुआ है,रही बची कसर तृतीय जोन को मिलने वाले पानी की मात्रा मे निरंतर कमी रहना है।

  स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो वे नगर निगम और जल संस्थान के कार्यालय का घेराव करेंगे।

रिपोर्ट : असलम सलीमी