प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर ASI स्मारकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया,ठोस सुधार की मांग



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। फतेहपुर सीकरी स्मारक परिसर में हुई जघन्य घटना के संदर्भ में अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता के.सी. जैन ने माननीय प्रधानमंत्री को विस्तृत पत्र भेजकर देशभर के ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि फतेहपुर सीकरी में 19 वर्षीय छात्रा के साथ दिन-दहाड़े हुई घटना ने स्मारकों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इसे केवल एक आपराधिक घटना न मानते हुए चेतावनी बताया गया है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो ये स्थल पर्यटकों, खासकर महिलाओं के लिए असुरक्षित बन सकते हैं।

जैन ने अपने पत्र में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने ASI संरक्षित प्रमुख स्मारकों के लिए एक विशेष सुरक्षा बल के गठन की मांग की है, जो केवल तैनाती तक सीमित न रहकर सक्रिय गश्त करे और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई कर सके। साथ ही ताजमहल, आगरा किला, एतमादुद्दौला का मकबरा और सिकंदरा जैसे प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सघन सुरक्षा व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है।

पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि सभी स्मारकों में अत्याधुनिक CCTV कैमरों की व्यापक व्यवस्था हो, जो केवल प्रवेश द्वारों तक सीमित न रहकर पूरे परिसर, विशेषकर सुनसान और संवेदनशील क्षेत्रों को कवर करें। इसके लिए एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित करने की भी बात कही गई है।

महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए हर बड़े स्मारक में महिला सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त तैनाती, पैनिक बटन,हेल्पलाइन और सहायता केंद्र उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही, प्रवेश और निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए स्थानीय पुलिस और ASI के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई है।

पत्र में वर्ष 1958 के प्राचीन स्मारक कानून में संशोधन कर ASI को स्वतंत्र और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने का अधिकार देने की भी मांग की गई है। इसके अलावा, सभी प्रमुख स्मारकों का नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने और पर्यटकों को टिकट, सूचना बोर्ड व डिजिटल माध्यमों से सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया है।

अंत में जैन ने कहा कि भारत के ऐतिहासिक स्मारक देश की पहचान और गौरव के प्रतीक हैं। यदि यहां आने वाले पर्यटक स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तो इसका सीधा असर देश की छवि और पर्यटन पर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने की अपील की है।

रिपोर्ट : असलम सलीमी