आगरा में "बुद्ध पूर्णिमा" पर भव्य आयोजन, झांकियों और सेवा कार्यों से गूंजा शहर


हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान गौतम बुद्ध के जन्मोत्सव को लेकर पूरे आगरा शहर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जगह-जगह भव्य आयोजन किए गए, जिनमें बौद्ध अनुयायियों ने संदेशप्रद झांकियां निकालीं और खीर व शरबत का वितरण कर सेवा भाव का परिचय दिया।

गत वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी बुद्ध के जीवन और उपदेशों पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं। खास बात यह रही कि इस वर्ष युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी, जो माहौल को और अधिक ऊर्जावान बनाती दिखी। “बुद्धं शरणं गच्छामि” और “बुद्ध की करुणा हो” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।

प्रेम नगर में भीम युवा समाज सुधार समिति द्वारा भव्य मंच सजाकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंच का उद्घाटन भगवान बुद्ध और भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान गुजरने वाली झांकियों का जोरदार स्वागत किया गया।

समिति के सदस्य प्रवेंद्र सिंह ने बताया कि झांकियों में मानवता और “अत्त दीपो भव” का संदेश प्रमुख रूप से प्रदर्शित हुआ। वहीं अश्वनी अंबेश ने बताया कि करीब 50 झांकियों का स्वागत कर युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। प्रवीण सिंह ने कहा कि भगवान बुद्ध ने शील, मैत्री, प्रज्ञा और करुणा का संदेश देकर मानवता को नई दिशा दी।

इसी क्रम में हनुमान नगर में तथागत बुद्ध के त्रिविध पावन पर्व एवं 12वीं भव्य शोभायात्रा के अवसर पर विकास लेदर स्टोर और रयकर इंपोर्ट एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में भव्य मंच सजाया गया। छौंकर परिवार ने झांकियों का स्वागत कर संचालकों को पंचशील और नीली स्टॉल पहनाकर सम्मानित किया तथा खीर और शरबत का वितरण किया।

केंद्रीय भीम युवा मंच के सचिव सतीश छौंकर ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा का पर्व भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। समाजसेवी लाखन सिंह ने इसे बौद्ध समाज का अत्यंत पवित्र दिन बताते हुए कहा कि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और परिनिर्वाण हुआ था।

शिक्षक एवं शायर अरविंद दोहरे ‘समीर’ ने बताया कि कार्यक्रम में सेवा और सम्मान की परंपरा को निभाते हुए झांकियों का स्वागत किया गया और प्रसाद वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का मूल संदेश करुणा, मैत्री और अहिंसा है, जिसे समाज में अपनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में सेठ मदनलाल,सतीश कुमार छौंकर,विकास छौंकर, आकाश छौंकर, लाखन सिंह, अरविंद दोहरे ‘समीर’ एवं डॉ. कृष्ण कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।