आशा भोंसले श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न,कलाकारों ने दी सुरमयी श्रद्धांजलि




हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। आशा भोंसले को समर्पित “अप्रतिम आशा” शीर्षक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन जानकी संगीत संस्थान, मारुति स्टेट, आगरा में भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता आकाशवाणी के ज्वाइंट डायरेक्टर दुर्ग विजय सिंह ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। संस्थान के डायरेक्टर लवेश अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में दुर्ग विजय सिंह ने कहा कि आशा भोंसले के गीत पिछले सात दशकों में फिल्मी संगीत के विकास का आईना हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि आशा जी की आवाज में अद्भुत विविधता देखने को मिलती है, जो विरले ही किसी गायक में होती है।

कार्यक्रम में सुशील सरित और प्रो. आन्शवना सक्सेना ने आशा भोंसले द्वारा गाए गए शास्त्रीय रागों पर आधारित गीतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फिल्म जागते रहो में शैल चौधरी के निर्देशन में आशा जी का पहला शास्त्रीय राग ‘देस’ पर आधारित गीत “ठंडी ठंडी सावन की फुहार” प्रस्तुत हुआ। इसके अलावा राग मालकोश पर आधारित “आधा है चंद्रमा रात आधी” जैसे गीतों सहित करीब 40 से अधिक रचनाओं पर चर्चा की गई।

सुशील सरित ने बताया कि आशा भोंसले ने अपने करियर में लगभग 36 कलाकारों के साथ युगल गीत गाए, जिनमें गुलाम अली, कुमार सानू,शमशाद बेगम,बप्पी लहिरी आदि शामिल हैं।

इसके उपरांत आशा भोंसले के अमर गीतों की संगीतमयी प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत नीरज स्वरूप की काव्य श्रद्धांजलि से हुई। कुमारी निमिषा ने बंगाली गीत, लक्षिता ने “इन आंखों की मस्ती”, रिवांश और रौनक ने “तू तू है वही”, हर्ष ने “दिल चीज क्या है”, खुशी ने “आओ हुजूर तुमको”, विशाल ने “कजरा मोहब्बत वाला”, ट्विंकल ने “चुरा लिया है तुमने”, सिमरन ने “अभी ना जाओ छोड़कर”, अंकुर ने “रोज़ रोज़ आंखों तले”, अंशुल ने “ओ मेरे सोना रे” और हरीश ने “मेरा नाम है चमेली” जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

लवेश अग्रवाल ने राग बिलासखानी तोड़ी पर आधारित “झूठे नैना बोले” प्रस्तुत किया। संगीत निर्देशक पप्पू खान ने आशा जी के गीतों का मेडले प्रस्तुत किया, वहीं तबले पर संगत प्रख्यात संगीतकार परमानंद शर्मा ने दी।

कार्यक्रम में तरुण कुमार घोष, डॉ. असीम आनंद, अर्जुन, नेहा, विजया तिवारी सहित अनेक संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन नीतेश द्वारा किया गया।

रिपोर्ट : असलम सलीमी