हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
काठमांडू (नेपाल), 16 जून। नेपाल की राजधानी काठमांडू में 12 से 14 जून तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन-4.0 (नेपाल संस्करण) ने आयुष जगत में नया इतिहास रच दिया। काउंसिल फॉर इंटीग्रेटिव वैद्य इनोवेशन एंड कोलैबोरेशन (सिविक) भारत एवं नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य पेशेवरों और उद्यमियों ने सहभागिता कर आयुष की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ते प्रभाव का प्रदर्शन किया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल रहे, जबकि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि सुमन शेखर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दुबई स्थित लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी ने भी कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन में भारत के 25 से अधिक राज्यों के अलावा नेपाल, मलेशिया, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश और सिंगापुर से आए 254 आयुष चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वेलनेस विशेषज्ञों, उद्योगपतियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण “एक नैदानिक परीक्षण सत्र में सर्वाधिक आयुष चिकित्सकों की सहभागिता” विषय पर आयोजित विश्व रिकॉर्ड प्रयास रहा। यह प्रयास सफलतापूर्वक पूरा हुआ और इसके साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धति की सामूहिक नैदानिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली। इस उपलब्धि को वैश्विक आयुष समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
महासम्मेलन के दौरान आयुष चिकित्सा, शोध एवं नवाचार, चिकित्सा शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, वैश्विक सहयोग, उद्यमिता और उद्योग विकास जैसे विषयों पर अनेक वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। देश-विदेश के विशेषज्ञों ने अपने शोध एवं अनुभव साझा करते हुए आयुष को भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया।
समापन दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को “आयुष लीजेंड सम्मान”, “आयुष उत्कृष्टता सम्मान” तथा “आयुष उदीयमान सम्मान” प्रदान किए गए। वहीं आयुष उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्यमियों और निर्माताओं को “आयुष उद्यम सम्मान” से सम्मानित किया गया।
सम्मान-पत्र नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी तथा लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी द्वारा प्रदान किए गए।
सिविक के संस्थापक डॉ.एम.एम.कुरैशी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन का उद्देश्य विश्वभर के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत को एक साझा मंच प्रदान करना है, जिससे ज्ञान, शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि नेपाल संस्करण की सफलता और विश्व रिकॉर्ड उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि आयुष विश्व स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनी प्रभावशाली भूमिका स्थापित कर रहा है।
नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल ने भारत और नेपाल के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार एवं नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन-4.0 (नेपाल संस्करण) ने भारत और नेपाल के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, शोध, नवाचार और वैश्विक साझेदारी को नई दिशा प्रदान करते हुए आयुष के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की मजबूत नींव रखी है। सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि आयुष केवल भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था का एक सशक्त और विश्वसनीय आधार भी है।

