होडल-कोसीकलां के ढाबों पर आधे-आधे घंटे ठहराव का आरोप,मुफ्त भोजन के लालच में नियमों की उड़ रही धज्जियां; यात्री ने महाप्रबंधक को भेजी लिखित शिकायत
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा/पलवल। हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज द्वारा रोडवेज बसों को निजी ढाबों पर नहीं रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद इन आदेशों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल डिपो की मथुरा-आगरा रूट की बसें होडल तथा उत्तर प्रदेश के कोटवन-कोसीकलां स्थित निजी ढाबों पर नियमित रूप से रोकी जा रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यात्रियों का आरोप है कि बसों को कई बार 20 से 30 मिनट तक ढाबों पर खड़ा रखा जाता है। इससे होडल, कोसीकलां और मथुरा के बीच सफर करने वाले यात्रियों का समय बर्बाद होता है और वे अपने गंतव्य पर देरी से पहुंचते हैं।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि इन ढाबों पर खाने-पीने की वस्तुएं बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर बेची जाती हैं। आरोप है कि यात्रियों से होने वाली कमाई के बदले बस चालक और परिचालकों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिसके लालच में बसों को अनावश्यक रूप से ढाबों पर रोका जाता है।
इसी मामले में आगरा निवासी ओमप्रकाश अग्रवाल ने फरीदाबाद हरियाणा रोडवेज के जिला महाप्रबंधक को लिखित शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को वह आगरा ट्रांसपोर्ट नगर से बल्लभगढ़ जाने के लिए हरियाणा रोडवेज की बस संख्या HR-30F-4603 में सवार थे। आरोप है कि बस को कोसीकलां से आगे कोटवन के पास एक निजी ढाबे पर रोका गया, जहां उनसे खाने-पीने की वस्तुओं के बाजार से कई गुना अधिक दाम वसूले गए। विरोध करने पर ढाबा संचालक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बस चालक से शिकायत करने पर उसने कोई कार्रवाई नहीं की और बस को गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से ढाबे पर ले गया, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। उन्होंने दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यात्रियों का कहना है कि यदि परिवहन मंत्री के आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाए तो यात्रियों का समय बचेगा और ढाबों पर कथित मनमानी वसूली पर भी रोक लगेगी। उन्होंने विभाग से ऐसे चालक-परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में पलवल रोडवेज के महाप्रबंधक जितेंद्र यादव का कहना है कि हरियाणा रोडवेज की बसों को किसी भी निजी ढाबे पर नहीं रोकने के सख्त निर्देश हैं। यदि किसी बस के चालक या परिचालक द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की शिकायत मिलती है और जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

