जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती एवं ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पादुकाओं का हुआ पूजन,संगीतमय सुंदरकांड में झूमे श्रद्धालु
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर दयालबाग स्थित श्रीगोपालजी धाम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। गुरुदीपिका योगक्षेम फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य द्विपीठाधीश्वर स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज तथा वर्तमान ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की पावन पादुकाओं का विधि-विधान से पूजन एवं वंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु भक्ति का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रवचनकर्ता डॉ. दीपिका उपाध्याय ने गुरु की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही शिष्य के जीवन में ब्रह्मा, विष्णु और महेश के स्वरूप होते हैं। गुरु केवल ज्ञान का प्रकाश ही नहीं देते, बल्कि जीवन की कठिनाइयों से पार उतारकर आत्मिक एवं पारलौकिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु दीक्षा मनुष्य के जीवन को नई दिशा और उद्देश्य प्रदान करती है तथा सच्चे गुरु के मार्गदर्शन में ही जीवन सार्थक बनता है।
प्रवचन के उपरांत वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा जब संगीतमय सुंदरकांड का शुभारंभ हुआ। वरदान उपाध्याय के मधुर संगीत संयोजन में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सस्वर सुंदरकांड का पाठ किया। भक्ति गीतों और हनुमान जी के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा तथा श्रद्धालु भक्ति की धुन पर भावविभोर होकर झूमते रहे।
इस अवसर पर गुरुदीपिका योगक्षेम फाउंडेशन द्वारा आगामी आध्यात्मिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में आर.के. मेहता, वीरकिशोर गुप्ता, बहोरन लाल गौतम, अनुज गुप्ता, डॉ. राजीव शर्मा, पवित्रा गौतम, विनीता, गुंजन, दिव्या, सरिता, नीलम, वीना कालरा, सारिका, कांता शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु पादुकाओं का पूजन कर जीवनभर गुरु भक्ति एवं आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


