अटल बिहारी वाजपेई ने विश्व हिंदी सम्मेलन में हिंदी वंदना के लिए भेजा था सूरीनाम, अमिताभ बच्चन भी थे सोम ठाकुर के गीतों के प्रशंसक
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कालजयी कवि-गीतकार गीत ऋषि सोम ठाकुर के जीवन के अनछुए और प्रेरक प्रसंग अब डॉक्यूमेंट्री 'सोमरस' के माध्यम से देश-दुनिया के सामने आए हैं। बुधवार को उनके स्वास्थ्य कारणों से अहीरपाड़ा, राजामंडी स्थित आवास पर आयोजित सादे समारोह में गीत ऋषि सोम ठाकुर फाउंडेशन ने डॉक्यूमेंट्री के पोस्टर का विमोचन एवं लोकार्पण किया।
डॉक्यूमेंट्री की सबसे चर्चित कड़ी में डॉ. कुमार विश्वास ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने ग्वालियर में सोम ठाकुर की प्रसिद्ध हिंदी वंदना सुनने के बाद उन्हें तत्काल सूरीनाम में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रस्तुति देने के लिए भेजा था। वहां प्रस्तुत इस वंदना ने विश्वभर के हिंदी प्रेमियों के बीच अमिट पहचान बनाई।
डॉक्यूमेंट्री में यह रोचक तथ्य भी सामने आया कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन सोम ठाकुर के गीतों के प्रशंसक थे। वे अपने पिता हरिवंश राय बच्चन के साथ लालकिले के कवि सम्मेलनों में पहुंचकर अक्सर सोम ठाकुर का ऑटोग्राफ लेते और उनके गीत गुनगुनाते थे।
लेखक-निर्देशक फाल्गुन त्रिपाठी द्वारा निर्मित लगभग 30 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री की हृदयस्पर्शी कमेंट्री डॉ. कुमार विश्वास ने की है। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने तथा मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मधु भारद्वाज ने पोस्टर का विमोचन किया।
फाउंडेशन के महासचिव अमित श्रीदान सिंह ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री सोम ठाकुर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। इसमें डॉ. शिव ओम अंबर, डॉ. उर्मिलेश शंखधर, दीक्षित दनकौरी, डॉ. राजेंद्र मिलन, अशोक अश्रु, रजनी सिंह तथा डॉ. अजीत वरदान सिंह ने अपने संस्मरण साझा किए हैं। कार्यक्रम का समन्वय नीराजना, लख्मी चंद और आनंद बंसल ने किया, जबकि संचालन कुमार ललित ने किया।
इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र मिलन ने कहा कि हिंदी साहित्य में सोम ठाकुर का योगदान अतुलनीय है और उन्हें शीघ्र पद्मश्री से सम्मानित किया जाना चाहिए। वहीं डॉ. मधु भारद्वाज ने कहा कि 'सोमरस' डॉक्यूमेंट्री साहित्य, हिंदी और ब्रजभाषा के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं कविता प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।
डॉक्यूमेंट्री में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, "आगरा में ताज ही नहीं, सोम ठाकुर के रूप में कविता का सरताज भी है। यदि आगरा को अपना ब्रांड एंबेसडर चुनना हो तो सोम ठाकुर से बेहतर कोई नहीं हो सकता।"


