हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
नई दिल्ली। संयुक्त गणराज्य तंजानिया के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र जांजीबार के राष्ट्रपति और रिवोल्यूशनरी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. हुसैन अली म्विनी से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। चार दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति म्विनी के साथ हुई यह बैठक दोनों देशों के ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने वाली साबित हुई है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने उच्च शिक्षा, क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग), जलापूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह बातचीत दोनों देशों के साझा विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाएगी।
डॉ. जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा हमने उच्च शिक्षा, क्षमता निर्माण, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, एआई, डिजिटल और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। ज़ांज़ीबार स्थित आईआईटी मद्रास का कैंपस, हमारी करीबी साझेदारी और अफ्रीका की शिक्षा और विकास प्राथमिकताओं के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता का एक शानदार उदाहरण है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति म्विनी इस यात्रा के दौरान चेन्नई में आईआईटी मद्रास के 63वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए थे। राष्ट्रपति म्विनी का भारत दौरा दो देशों के द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके गहरे कूटनीतिक मायने हैं। यह बैठक दर्शाती है कि भारत लगातार ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की प्राथमिकताओं, जैसे कि तकनीकी हस्तांतरण, डिजिटल समावेशन और कौशल विकास को वैश्विक मंचों पर उठाता रहा है।
इस दौरे की अहमियत बताते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा यह दौरा भारत-तंजानिया रणनीतिक साझेदारी में बढ़ती रफ्तार को दिखाता है, जो लंबे समय से चले आ रहे लोगों के बीच संबंधों और ग्लोबल साउथ में साझेदार के तौर पर हमारी साझा प्राथमिकताओं पर आधारित है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

