हज़रत सैय्यदना शाह अमीर अबुल उला का कुल शरीफ अकीदत के साथ सम्पन्न



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। सरताज-ए-आगरा हज़रत सैय्यदना शाह अमीर अबुल उला (रह.) का कुल शरीफ शनिवार को चांद की 9 सफर 1448 हिजरी, 25 जुलाई 2026 को दरगाह शरीफ में पूरी अकीदत और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। कुल शरीफ की रस्म सज्जादानशीन एवं मुतवल्ली हज़रत सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई की सरपरस्ती में अदा की गई।

इस अवसर पर नायब सज्जादगान सैय्यद विरासत अली अबुल उलाई, सैय्यद इशाअत अली अबुल उलाई, सैय्यद कैफ अली अबुल उलाई, हैदराबाद से आए ज़ाकिर अली दानिश एवं सूफी ज़ुबेर मियां मौजूद रहे।

कार्यक्रम में सज्जादानशीन साहब के परिवार से सैय्यद इकबाल अली, सैय्यद अरीब अली, सैय्यद आसिम अली, सैय्यद शहाब अली, सैय्यद अज़हर अली तथा सलीम उज़ अरशद फरीदी (सज्जादानशीन, फतेहपुर सीकरी) सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए अकीदतमंदों एवं विशेष अतिथियों ने शिरकत की।

कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई। इसके बाद दरगाह परिसर में गुलाब जल की वर्षा की गई। मान्यता है कि कुल शरीफ के अवसर पर गुलाब जल की फुहार प्राप्त होने से मुरादें पूरी होती हैं। अंत में सज्जादानशीन हज़रत सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई ने देश की उन्नति, विकास, अमन, भाईचारे और विश्व शांति के लिए विशेष दुआ कराई।

अपने संबोधन में हज़रत सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई ने बताया कि हज़रत सैय्यदना शाह अमीर अबुल उला (रह.) के व्यक्तित्व के निर्माण में उनके नाना हज़रत ख्वाजा फैजी (रह.) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने बताया कि ख्वाजा फैजी (रह.) एक युद्ध में शहीद हो गए थे, जिससे राजा मानसिंह अत्यंत दुखी हुए। बाद में ख्वाजा अब्दुल्ला एहरारी (रह.) के पुत्र ख्वाजा अब्दुल शहीद की अनुमति से उनका पार्थिव शरीर आगरा लाकर यमुना पार दफन किया गया।

उन्होंने बताया कि ख्वाजा फैजी (रह.) की कोई संतान नहीं थी। हज़रत सैय्यदना (रह.) की योग्यता से प्रभावित होकर राजा मानसिंह ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी मानते हुए बादशाह अकबर से उन्हें वरदवान का गवर्नर नियुक्त करने की सिफारिश की, जिसे अकबर ने स्वीकार कर लिया। इसके अतिरिक्त अकबर ने उन्हें सह-हज़ारी का पद भी प्रदान किया। राजा मानसिंह को हज़रत सैय्यदना (रह.) से विशेष स्नेह था और उनकी इस नियुक्ति से वे अत्यंत प्रसन्न हुए।मीडिया प्रभारी मोहम्मद आमिल एवं सह मीडिया प्रभारी मोहम्मद साजिद ने भी कार्यक्रम के बारे में अवगत कराया।

रिपोर्ट : असलम सलीमी