101 किलो मेवा मोदक के होंगे दिव्य दर्शन, प्रतिदिन लगेगा विशेष भोग
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। छलेसर रोड स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में 12 दिवसीय पंचम गणेश महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री वरद वल्लभा महागणपति के महाभिषेक के साथ हुआ। महाभिषेक के पश्चात भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इस दौरान मंदिर परिसर गणपति भक्ति से सराबोर नजर आया।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान का नित्य अभिषेक, विशेष श्रृंगार, फूल बंगला एवं विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। उत्सव का प्रमुख आकर्षण 101 किलो मेवा मोदक का भव्य भोग और उसके दिव्य दर्शन होंगे।
मंदिर के संस्थापक हरिमोहन गर्ग (एनआएल) ने कहा कि गणेश महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भगवान गणपति के प्रति समर्पण का पर्व है। महोत्सव में होने वाली पूजा-अर्चना और विशेष श्रृंगार के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान गणपति की आराधना का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि 101 किलो मेवा मोदक का भोग भगवान के प्रति भक्तों की अटूट आस्था और समर्पण का प्रतीक है।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लखन दीक्षित एवं प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे नित्य अभिषेक सेवा होगी। इसके बाद भगवान का वस्त्र एवं श्रृंगार कर फल सेवा अर्पित की जाएगी। प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ भगवान को विशेष भोग लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि महागणपति हवन का आयोजन प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल किया जाएगा। शाम 6 बजे भगवान श्री वरद वल्लभा महागणपति की सहस्रनाम अर्चना होगी। इसके बाद शाम 7 बजे महाआरती और रात्रि 9 बजे शयन आरती होगी। शयन आरती के साथ भगवान की नित्य सेवा संपन्न होगी।
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि श्रद्धालु इन सभी धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर भगवान गणपति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे। 12 दिवसीय महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहेगा।
श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर अपनी दक्षिण भारतीय पूजा पद्धति एवं स्थापत्य शैली के लिए विशेष पहचान रखता है। मंदिर की अष्टकोणीय बनावट और भव्य संरचना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। यहां दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुरूप भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की जाती है।



