संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव डॉ.पार्थ सारथी शर्मा को सम्मानित किया गया,फरवरी 2027 में राजगीर में होगा राष्ट्रीय सेमिनार
हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो
कोलकाता। आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन (आई.एच.डब्लू.ओ.) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NEC) की महत्वपूर्ण बैठक कोलकाता के सियालदह स्थित मौलाली युवा केंद्र में आयोजित की गई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सकों, पदाधिकारियों, प्रदेश अध्यक्षों, महासचिवों एवं आजीवन सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में संगठन की गत वर्षों की गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ होम्योपैथी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा डॉ. सैमुअल हनीमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जे. एन. सिंह रघुवंशी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष संगठन की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की समीक्षा प्रस्तुत की। बैठक में होम्योपैथी सहित आयुष पद्धतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
डॉ.पार्थ सारथी शर्मा का विशेष सम्मान :
बैठक का प्रमुख आकर्षण आगरा के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं संगठन के संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पार्थ सारथी शर्मा का सम्मान रहा। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. एन.एस. रघुराम ने आगामी राष्ट्रीय सेमिनार के सफल आयोजन की जिम्मेदारी एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका के लिए डॉ. पार्थ सारथी शर्मा को सम्मानित किया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में डॉ. पार्थ सारथी शर्मा की संगठनात्मक भूमिका एवं आगामी राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन से संबंधित तैयारियों पर भी चर्चा हुई। संगठन की ओर से आगामी राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन फरवरी 2027 में बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में किए जाने की जानकारी दी गई।
आयुष व्यवस्था एवं होम्योपैथी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा :
बैठक में आयुष मंत्रालय से संबंधित विभिन्न विषयों और होम्योपैथी को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जे.एन.सिंह रघुवंशी ने कहा कि आयुष मंत्रालय के गठन के बाद भी आयुष पद्धतियों, विशेषकर होम्योपैथी, को जमीनी स्तर पर स्थापित करने की दिशा में अभी अनेक चुनौतियां बनी हुई हैं।
बिहार से बैठक में पहुंचे सरकारी होम्योपैथिक चिकित्सकों ने भी अपनी समस्याएं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष रखीं। चिकित्सकों ने बताया कि कई सरकारी अस्पतालों में होम्योपैथिक औषधियों की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही कुछ सरकारी होम्योपैथिक चिकित्सकों से सिविल सर्जन के आदेश पर एलोपैथिक दवाइयों का वितरण कराए जाने की समस्या भी बैठक में उठाई गई।
इन विषयों पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने गंभीरता से विचार-विमर्श किया तथा सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि संबंधित समस्याओं को भारत सरकार के आयुष मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। संगठन ने सरकार से मांग की कि आयुष व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सकों को उनकी चिकित्सा पद्धति के अनुरूप आवश्यक औषधियां एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा जनहित में होम्योपैथिक चिकित्सकों को कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होम्योपैथिक औषधियों से उपचार करने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राजगीर में फरवरी 2027 में राष्ट्रीय सेमिनार :
राष्ट्रीय महासचिव डॉ. एन.एस. रघुराम ने बैठक में सर्वसम्मति से आगामी राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि संगठन का अगला राष्ट्रीय सेमिनार फरवरी 2027 में राजगीर, बिहार में आयोजित किया जाएगा। सेमिनार के सफल आयोजन की तैयारियों एवं संगठनात्मक समन्वय में डॉ. पार्थ सारथी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आगामी राष्ट्रीय सेमिनार को लेकर विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए।
देशभर से वरिष्ठ चिकित्सकों की रही सहभागिता :
कार्यक्रम में मंचासीन पदाधिकारियों में संगठन के मानद अध्यक्ष डॉ. मनोरंजन पाल (बंगाल), राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. आर. सी. श्रीवास्तव (उत्तर प्रदेश), संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव डॉ.पार्थ सारथी शर्मा (उत्तर प्रदेश) सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ चिकित्सकों में डॉ. पी. के. चटर्जी (बंगाल), डॉ. राम अयोध्या ठाकुर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बिहार), डॉ. सुतापा गोहा (झारखंड), डॉ. आर. एन. सिंह (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश), डॉ. कुसुमाकर (उत्तर प्रदेश), डॉ. के. के. सिंह, डॉ. डी. के. पटेल, डॉ. सहदेव सहित विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, आजीवन सदस्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की कोलकाता शाखा के संयोजन में किया गया। आयोजन की पूरी जिम्मेदारी संगठन के राष्ट्रीय सहायक सचिव डॉ. अमित कुमार की देखरेख एवं कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई।
बैठक के समापन पर संगठन के पदाधिकारियों ने होम्योपैथी को जनसामान्य तक बेहतर तरीके से पहुंचाने, चिकित्सकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने तथा संगठन को देशभर में और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया।


