आरबीएस ऑडिटोरियम में गूंजे ‘काला कानून वापस लो’ के नारे, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासंगम में देशभर के संगठनों ने दिखाई एकजुटता
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। विजयादशमी के उपलक्ष्य में क्षत्रिय सभा जिला आगरा की ओर से रविवार को आरबीएस कॉलेज स्थित राव कृष्णपाल सिंह ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय क्षत्रिय वीरता एवं विजय पर्व समारोह ‘शौर्य से संकल्प तक’ का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर के इस महासंगम में देश के विभिन्न राज्यों से आए क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान यूजीसी से जुड़े कानून के विरोध में ‘काला कानून वापस लो’ और ‘यूजीसी रोलबैक’ के नारे गूंजे। वक्ताओं ने समाज की एकजुटता, शिक्षा, सामाजिक समरसता और बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए संगठित प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण करके किया। इस दौरान ‘जय भवानी’ और ‘जय महाराणा प्रताप’ के जयघोष से सभागार गूंज उठा।
10 जनवरी को आगरा से दिल्ली तक पैदल न्याय यात्रा का आह्वान :
समारोह के मुख्य अतिथि श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों के विरोध में आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे को लेकर देशभर में समाज को जागरूक कर रहा है। चार राज्यों में हजारों किलोमीटर की न्याय यात्रा निकालने के बाद मध्य प्रदेश होते हुए 10 जनवरी को दिल्ली पहुंचने की योजना है।
मकराना ने आगरा के सवर्ण समाज से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि आगरा से पैदल दिल्ली कूच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए है। उनके अनुसार, किसी भी कानून के प्रावधान यदि बच्चों के भविष्य को लेकर आशंकाएं पैदा करते हैं, तो उनके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी जाति या संप्रदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि संबंधित कानून के प्रावधानों के खिलाफ है।
समाज की सेवा ही क्षत्रिय धर्म : मेघराज सिंह रॉयल
यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने कहा कि राजपूत का वास्तविक धर्म सर्व समाज की सेवा करना है। जो व्यक्ति समाज के हित में त्याग करता है, इतिहास उसे लंबे समय तक याद रखता है। उन्होंने सामाजिक सद्भाव और जनसेवा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
राजनीतिक दलों के बजाय समाज की शक्ति पहचानें : आनंद मोहन सिंह
पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने समाज को एकजुट रहने का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का समर्थक बनकर अपनी स्वतंत्र पहचान नहीं खोनी चाहिए। समाज को अपनी ताकत पहचानकर एकजुट होना होगा। उन्होंने समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण को क्षत्रिय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर वर्तमान सुधारने का संकल्प :
स्वागत उद्बोधन में अधिवक्ता विजयपाल सिंह चौहान ने कहा कि क्षत्रिय समाज के गौरवशाली इतिहास और शौर्य पुरुषों का स्मरण करने के साथ वर्तमान को बेहतर बनाने का संकल्प लेना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज ने शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी सर्व समाज के लिए योगदान दिया है।
जिला महामंत्री गजेन्द्र सिंह परमार और कार्यक्रम संयोजक गौरव परमार ने कहा कि समाज में समरसता स्थापित करना, शिक्षा के माध्यम से जागरूकता बढ़ाना तथा अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों को दूर करना संगठन के प्रमुख लक्ष्य हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन :
समारोह में अनाया परमार ने ‘श्री रामचंद्र कृपालु’ भजन पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री गजेन्द्र सिंह परमार ने किया।
ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद :
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, पूर्व विधायक रविन्द्र सिंह, डॉ. रामकेश परमार, कपूरचंद सिकरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष विजयपाल सिंह चौहान, आर.पी. सिंह जादौन, अधिवक्ता दिनेश सिकरवार, डॉ. रामलखन सिंह राठौर, श्याम भदौरिया, राघवेंद्र सिंह मीनू, जिला अध्यक्ष महिला सभा श्रीमती विदुषी सिंह, कोषाध्यक्ष शीलेन्द्र सिंह चौहान, ब्रजराज सिंह परमार, विवेक तोमर, राजवीर सिंह ककरारी, चंद्रभान तोमर, देवेंद्र धाकरे, छुट्टन सिंह तरकर, गजेंद्र सिंह परमार दयालबाग और डॉ. आरपी सिंह परमार सहित सैकड़ों क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित रहे।






