कलशों को आकर्षक स्वरूप देने में जुटी सात सदस्यीय टीम, घर-घर स्थापित होंगे मंगल कलश
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। अध्यात्म,राष्ट्र शौर्य और समृद्धि के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले 251 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। महायज्ञ को भव्य एवं दिव्य स्वरूप देने के लिए आयोजन समिति और गायत्री परिजन दिन-रात जुटे हुए हैं। आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
महायज्ञ के शुभारंभ पर निकलने वाली भव्य कलश यात्रा इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। यात्रा में 2551 मंगल कलश शामिल किए जाएंगे। इन कलशों को आकर्षक एवं कलात्मक स्वरूप देने के लिए सात सदस्यीय कुशल टीम जुटी हुई है। पारंपरिक रंगों, सुंदर कलाकृतियों और विशेष सजावट के माध्यम से कलशों को भव्य रूप दिया जा रहा है। कलश यात्रा के दौरान ये मंगल कलश भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक चेतना की अनुपम छटा बिखेरेंगे।
घर-घर स्थापित होंगे मंगल कलश :
महायज्ञ के आध्यात्मिक संदेश को समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष पहल की जा रही है। इसके तहत सभी 2551 मंगल कलशों को क्षेत्र के विभिन्न परिवारों में घर-घर स्थापित किया जाएगा। आयोजन समिति का उद्देश्य इस धार्मिक अभियान के माध्यम से प्रत्येक घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और यज्ञीय संस्कारों का संचार करना है।
तैयारियों में जुटे कार्यकर्ता, श्रद्धालुओं में उत्साह :
महायज्ञ को लेकर स्थानीय निवासियों और गायत्री परिजनों में खासा उत्साह है। आयोजन की व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के लिए कार्यकर्ताओं की विभिन्न टोलियां सक्रिय हैं। मंगल कलशों की रंगाई-पुताई और सजावट का कार्य शुरू होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बनने लगा है।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से सपरिवार भव्य कलश यात्रा में शामिल होने तथा यज्ञशाला की परिक्रमा कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने की अपील की है। आयोजन समिति को उम्मीद है कि यह महायज्ञ धार्मिक आस्था के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण की भावना को भी मजबूत करेगा।

