ऐतिहासिक निष्कलंक माता महागिरजाघर में चार उपयाजक पुरोहिताभिषिक्त



महाधर्माध्यक्ष डॉ.राफी मंजलि बोले ! ‘पुरोहित ईश्वर और जनता के बीच सेतु होता है’

चार नए पुरोहितों के अभिषेक से आगरा महाधर्मप्रांत में संख्या बढ़कर 92 हुई

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 11 अक्टूबर। आगरा महाधर्मप्रांत और समस्त ईसाई समाज के लिए रविवार का दिन हर्ष, उल्लास और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता का अवसर रहा। वजीरपुरा मार्ग स्थित ऐतिहासिक निष्कलंक माता महागिरजाघर में आयोजित भव्य धार्मिक समारोह में आगरा के महाधर्माध्यक्ष परम श्रद्धेय डॉ. राफी मंजलि ने चार उपयाजकों को पुरोहित पद पर अभिषिक्त किया। नवाभिषिक्त पुरोहितों में डीकन स्वप्निल संजव दाबरे, डीकन सुमन टोपनो, डीकन जीवन प्रकाश मचाडो और डीकन सतीश केरकेट्टा शामिल हैं। चार नए पुरोहितों के अभिषेक के साथ आगरा महाधर्मप्रांत में पुरोहितों की संख्या बढ़कर 92 हो गई।

इस पावन अवसर पर महागिरजाघर को भव्य रूप से सजाया गया था। समारोह में आगरा महाधर्मप्रांत के 16 जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पुरोहितों, धर्मसमाज की धर्मबहनों, विश्वासियों और नवाभिषिक्त पुरोहितों के परिजनों ने भाग लिया। पूरा गिरजाघर प्रार्थना, भक्ति, आध्यात्मिक उल्लास और ईश्वर के प्रति धन्यवाद की भावना से सराबोर रहा।

पुरोहित ईश्वर और जनता के बीच सेतु : डॉ. राफी मंजलि :

समारोह में अपने प्रवचन के दौरान महाधर्माध्यक्ष डॉ. राफी मंजलि ने पुरोहित के आध्यात्मिक जीवन, दायित्वों और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुरोहित ईश्वर और सामान्य जनता के बीच सेतु की भांति होता है। उसका प्रमुख दायित्व ईश्वर के वचन की घोषणा करना, पवित्र धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न कराना, प्रार्थना और संस्कारों के माध्यम से विश्वासियों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देना तथा उन्हें ईश्वर के निकट लाना है।

उन्होंने कहा कि पुरोहित का कार्य केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लोगों के सुख-दुःख में सहभागी बनकर उन्हें सांत्वना, आशा और मार्गदर्शन भी प्रदान करता है। रोगियों की सेवा, दुःखी एवं निराश लोगों को सहारा देना, ईश्वर की दया और क्षमा का संदेश देना तथा समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करना उसके महत्वपूर्ण दायित्व हैं।

चारों नवाभिषिक्त पुरोहितों को संबोधित करते हुए महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में पुरोहितों की जिम्मेदारियां और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। उन्हें अपने जीवन, आचरण, विनम्रता और मधुर व्यवहार के माध्यम से प्रभु ईसा मसीह की शिक्षाओं को साकार करना चाहिए। उन्होंने नवपुरोहितों से अपना जीवन ईश्वर और मानवता की सेवा के लिए समर्पित करने तथा प्रत्येक व्यक्ति के प्रति करुणा, प्रेम और सम्मान का भाव रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पुरोहित का जीवन त्याग, समर्पण, आज्ञापालन और सेवा का जीवन है। पुरोहित को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर ईश्वर की इच्छा के अनुसार कार्य करना चाहिए और समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रेम, दया तथा ईश्वरीय करुणा का संदेश पहुंचाना चाहिए।

प्रार्थना और पवित्र विधियों के बीच संपन्न हुआ अभिषेक :

पुरोहिताभिषेक की पवित्र विधि के अंतर्गत चारों उम्मीदवारों ने लगभग 70 पुरोहितों के साथ महाधर्माध्यक्ष डॉ. राफी मंजलि के नेतृत्व में विशाल गिरजाघर में प्रवेश किया। उपस्थित विश्वासियों ने प्रार्थना और भक्ति के वातावरण में उनका स्वागत किया।

समारोह का भावुक क्षण तब आया, जब चारों उम्मीदवारों के माता-पिता एवं परिजनों ने उन्हें महाधर्माध्यक्ष को समर्पित किया। इसके बाद महाधर्माध्यक्ष ने उम्मीदवारों की स्वेच्छा और पुरोहित पद के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। परंपरागत विधि के अनुसार चारों उम्मीदवारों ने आजीवन ब्रह्मचर्य और आज्ञापालन सहित पुरोहित जीवन से संबंधित प्रतिज्ञाएं ग्रहण कीं।

इसके पश्चात महाधर्माध्यक्ष ने उनके सिर पर हाथ रखकर पवित्र अभिषेक की विधि संपन्न की। उपस्थित पुरोहितों ने भी परंपरा के अनुसार नवाभिषिक्त पुरोहितों के सिर पर हाथ रखकर उनके लिए प्रार्थना की। इसके बाद पवित्र तेल से अभिषेक और पुरोहित पद के प्रतीक पवित्र वस्त्र धारण कराने की विधियां संपन्न की गईं।

इस प्रकार चारों नवपुरोहितों ने कलीसिया की सेवा, विश्वासियों के आध्यात्मिक मार्गदर्शन और प्रभु ईसा मसीह के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए औपचारिक रूप से पुरोहित सेवा में प्रवेश किया।

भक्ति संगीत ने बांधा समां :

समारोह में पूजा एवं अभिषेक की पवित्र विधियों का संचालन पल्ली पुरोहित फादर राजन दास ने किया। उनके साथ फादर एल्विन पिंटो, फादर जोसेफ दाबरे, फादर मिरांडा और फादर लुईस सहित अन्य धर्मगुरुओं ने भी सहभागिता की।

इस अवसर पर फादर शाजी एवं फादर आशीष की गायन मंडली ने भक्तिमय गीतों और मधुर स्वरलहरियों के माध्यम से पूरे वातावरण को आध्यात्मिक भावनाओं से भर दिया। प्रार्थना, भक्ति संगीत और धार्मिक परंपराओं के बीच संपन्न हुआ यह समारोह उपस्थित विश्वासियों के लिए यादगार बन गया।

पुरोहिताभिषेक के तुरंत बाद गिरजाघर में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें चारों नवाभिषिक्त पुरोहितों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। उपस्थित लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल आध्यात्मिक जीवन और सफल सेवाकार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

ईसाई समाज के लिए गर्व का अवसर :

इस अवसर पर क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष श्री डेनिस सिल्वेरा ने चारों नवाभिषिक्त पुरोहितों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह समारोह आगरा महाधर्मप्रांत के साथ-साथ समस्त ईसाई समाज के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। चार नए पुरोहितों के अभिषेक से कलीसिया की धार्मिक एवं आध्यात्मिक सेवाओं को नई ऊर्जा मिलेगी तथा विश्वासियों के मार्गदर्शन और समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

रिपोर्ट : असलम सलीमी