भाई को गले लगाते ही भूल गए सारे दुख-दर्द, भरत मिलाप की सवारी पर जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा
त्याग, समर्पण और अटूट प्रेम का साक्षी बना रावतपाड़ा चौराहा
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। भाइयों के प्रेम, त्याग और समर्पण का अनुपम दृश्य बुधवार को उत्तर भारत की प्रमुख श्रीरामलीला में साकार हुआ। वनवास की अवधि पूरी होने के बाद प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का भावपूर्ण प्रसंग देख श्रद्धालुओं की आंखें छलक उठीं। प्रभु श्रीराम ने जैसे ही अनुज भरत को हृदय से लगाया, पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। भरत मिलाप की भव्य सवारी का मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। रावतपाड़ा चौराहा इस ऐतिहासिक मिलन का साक्षी बना।
मंगलवार को रावण वध के बाद बुधवार को रामलीला में विजय उल्लास के साथ आगे की लीलाओं का मंचन किया गया। श्रीराम की सेना में उत्साह का माहौल रहा। वानर सेना के सदस्य और सेनापति एक-दूसरे को विजय की बधाइयां देते नजर आए। इसके बाद प्रभु श्रीराम ने लक्ष्मण सहित अन्य सेनापतियों के साथ विचार-विमर्श कर अशोक वाटिका से माता सीता को बुलाया। लीला में माता सीता की अग्निपरीक्षा का प्रसंग दिखाया गया। इसके उपरांत प्रभु श्रीराम ने विभीषण का राज्याभिषेक कर उन्हें लंका का राज सौंपा और पुष्पक विमान से अयोध्या के लिए प्रस्थान किया।
भरत मिलाप की सवारी पर बरसे फूल :
भरत मिलाप की भव्य सवारी श्रीरामलीला मैदान से प्रारंभ हुई। सवारी यमुना किनारा, दरेसी नंबर तीन-चार (अचल भवन), छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धूलियागंज, घटिया छिलीईंट, फुलट्टी बाजार, सेब बाजार, किनारी बाजार, कसेरट बाजार होते हुए रावतपाड़ा चौराहे पर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर सवारी में शामिल स्वरूपों का स्वागत किया। प्रभु श्रीराम और भरत के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा मार्ग भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर रहा।
मिलन ऐसा कि भुला दिया संसार :
रावतपाड़ा चौराहे पर भरत मिलाप की लीला का भावपूर्ण मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम को सामने देखकर भरत के हृदय में उमड़े प्रेम और वर्षों के वियोग की वेदना को कलाकारों ने सजीव कर दिया। दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को हृदय से लगा लिया। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो कोई हाथ जोड़कर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगा रहा था।
रामचरितमानस की चौपाई -
बरबस लिए उठाइ उर लाए कृपानिधान।
भरत राम की मिलनि लखि बिसरे सबहिं अपान॥
के भाव को साकार करते इस प्रसंग में प्रभु श्रीराम ने भरत को उठाकर हृदय से लगा लिया। दोनों भाइयों के अलौकिक मिलन को देखकर उपस्थित श्रद्धालु सुध-बुध खो बैठे। यह प्रसंग केवल दो भाइयों का मिलन नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा, कर्तव्य, समर्पण और निष्काम प्रेम का संदेश भी दे गया।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचंद, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, अजय अग्रवाल, आनंद मंगल, महेश चंद्र, राम राहुल, राम अभिषेक, शैलेश अग्रवाल, राहुल गौतम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
शुक्रवार को होगा प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक :
रामलीला के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि गुरुवार को किसी लीला का मंचन नहीं होगा। शुक्रवार को प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया जाएगा। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

