ताजमहल के साये में गूंजा ‘प्राउड टू बी अ जैन’,वंडरफुल जैनिज्म के भव्य सत्र में उमड़ा युवाओं का जनसैलाब



मुनि श्री समत्व सागर महाराज ने युवाओं में भरा आत्मविश्वास, बोले ! दुनिया ताजमहल देखने आती है, लेकिन आज यहां जैन धर्म के वंडर्स को देखने युवा जुटे हैं

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। ताजमहल की ऐतिहासिक नगरी आगरा स्थित ताज खेमा में जैन धर्म, आध्यात्मिकता, संस्कारों और आत्मविकास को समर्पित ‘वंडरफुल जैनिज्म’ का भव्य विशेष सत्र उत्साह और उल्लास के साथ आयोजित हुआ। संत शिरोमणि पट्टाचार्य आचार्य भगवन श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य, जगत विख्यात ‘गूगल बाबा’ श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज एवं श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं, युवतियों, महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सभागार युवाओं से खचाखच भरा रहा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने पूरे उत्साह से ‘प्राउड टू बी अ जैन’ का उद्घोष कर जैन धर्म के प्रति अपनी आस्था और गौरव व्यक्त किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जैन दर्शन, अहिंसा, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और आत्मविश्वास के माध्यम से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति से हुआ। इसके पश्चात संजय जैन, जोधपुर एवं वीरेंद्र जैन शास्त्री ने मुनिश्री का पाद प्रक्षालन किया।

विशिष्ट अतिथियों का हुआ सम्मान :

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली जैन समाज की प्रतिभाओं का विशेष सम्मान किया गया। इनमें दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर जैन धर्म का ध्वज फहराकर समाज का गौरव बढ़ाने वाली पर्वतारोही यशी जैन, भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर श्री कुलदीप जैन, स्क्वाड्रन लीडर श्रीमती नूपुर जैन, एमिटी विश्वविद्यालय के निदेशक श्री अक्षय जैन, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं चंडीगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री एस.के. जैन, गाजियाबाद के सेवानिवृत्त कमिश्नर एस.के. जैन, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष जैन, लेफ्टिनेंट रोहित जैन (कर्नल) तथा नासा से सेवानिवृत्त श्री अनंत रॉय जैन शामिल रहे। सभी विशिष्ट अतिथियों को श्रुत मंथन वर्षायोग समिति की ओर से सम्मानित किया गया।

‘आपके सिर पर भी ताज है’ :  मुनि श्री समत्व सागर महाराज 

संयुक्त धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज ने युवाओं को आत्मगौरव, सकारात्मक सोच और जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने ताजमहल का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरी दुनिया ताजमहल को देखने आती है, लेकिन आज यहां एकत्रित युवा जैन धर्म के वंडर्स को देखने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, “आप सबको मेरे पीछे ताजमहल दिखाई दे रहा है, लेकिन मुझे अपने सामने बैठे लोगों के सिर पर ताज दिखाई दे रहा है। पीछे एक ताजमहल है और यहां जितने सिर हैं, आज उन सभी के सिर पर ताज है।”

मुनिश्री ने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उपलब्धियां हासिल करने पर जिस प्रकार देश का तिरंगा गर्व का प्रतीक बनता है, उसी प्रकार जैन धर्म के संस्कारों, सिद्धांतों और मूल्यों को जीवन में अपनाना भी गौरव की बात है। उन्होंने युवाओं से अपनी धार्मिक पहचान पर गर्व करने और जैन धर्म की शिक्षाओं के अनुरूप जीवन जीने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कई बार व्यक्ति स्वयं को कमतर आंकता है और सोचता है कि वह कुछ नहीं कर सकता, लेकिन सही दिशा, आत्मविश्वास और मार्गदर्शन मिलने पर वही व्यक्ति बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। मुनिश्री ने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार किसी संख्या के पीछे शून्य लगने से उसका मूल्य कई गुना बढ़ जाता है, उसी प्रकार जीवन में सही मार्गदर्शन और सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

उपलब्धियों के साथ संस्कार भी जरूरी :

मुनि श्री ने विशिष्ट अतिथियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में ऊंचाइयां हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उन उपलब्धियों के साथ धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमताओं को पहचानें, अपने लक्ष्य निर्धारित करें और जैन धर्म के सिद्धांतों को अपने जीवन का आधार बनाएं।

उन्होंने कहा कि ‘वंडरफुल जैनिज्म’ के पिछले नौ सत्रों के बाद आयोजित यह भव्य सत्र युवाओं में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और धार्मिक गौरव का संचार करने वाला है। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं का उत्साह और सहभागिता इस बात का प्रमाण रही कि नई पीढ़ी जैन धर्म की शिक्षाओं को समझने और उनसे प्रेरणा लेने के लिए तत्पर है।

मनोज जैन बाकलीवाल ने किया मंच संचालन :

कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया। आयोजन को सफल बनाने में श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर समिति के राजीव जैन (कपड़ा), चक्रेश जैन, विवेक जैन (कांटे वाले), सनी जैन, विनीत जैन, संभव जैन, युग जैन, हितेश जैन एवं मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित समस्त मंडल और सकल जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।

ताजमहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में आयोजित इस भव्य सत्र ने युवाओं को धर्म, संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। ‘प्राउड टू बी अ जैन’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम ने जैन समाज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रति युवाओं के जुड़ाव को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।