परशुराम विप्र जागृति ट्रस्ट ने भव्यता के साथ किया शास्त्र एवं शस्त्र पूजन



विजयदशमी पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का दिया संदेश, सैकड़ों विप्र बंधुओं ने लिया भाग

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 20 अक्टूबर। परशुराम विप्र जागृति ट्रस्ट की ओर से तृतीय शास्त्र एवं शस्त्र पूजन समारोह किरावली स्थित आरबीएल गार्डन में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आगरा के नगर एवं देहात क्षेत्र के अछनेरा, किरावली, रायभा, अभेदोपुरा, नोवरी और खेरागढ़ सहित विभिन्न गांवों से सैकड़ों विप्र बंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर तथा भगवान श्रीराम, भगवान परशुराम और मां जगदंबा के चित्रों पर माल्यार्पण करके किया।

इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष मनोज पांडेय ने विजयदशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं है, बल्कि यह अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश भी देता है। भगवान श्रीराम ने मर्यादा और धर्म का पालन करते हुए अहंकार का अंत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शस्त्र का अर्थ भय फैलाना नहीं, बल्कि आत्मरक्षा, समाज की सुरक्षा और धर्म की स्थापना करना है। शस्त्र का संबंध शक्ति, साहस और कर्तव्य से है तथा शक्ति का प्रयोग सदैव न्याय एवं जनकल्याण के लिए होना चाहिए, न कि किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले विप्र बंधुओं को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया। समारोह में अतिथि के रूप में उपस्थित आगरा शिक्षक खंड से विधान परिषद प्रत्याशी राहुल पाराशर का शिक्षक बंधुओं से परिचय कराया गया। साथ ही 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में उनके समर्थन में मतदान करने की अपील भी की गई।

ये रहे मौजूद :

 कार्यक्रम में मिनेश शर्मा, हिलेंद्र शर्मा, ललित नारायण शर्मा, लक्ष्मीकांत शुक्ला (सभासद), धीरज शर्मा, राजीव उपाध्याय, लक्ष्मीकांत शर्मा, संजय भारद्वाज, अनिल मुखेरिया, हरीश शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, दीपक दीक्षित, प्रवेश उपाध्याय, अमर प्रकाश शर्मा, धर्मेंद्र प्रधान, जितेंद्र शर्मा, एडवोकेट देवेश उपाध्याय, आरके इंदौलिया (विहिप), गोविंद लवानिया, मुरली मनोहर रावत, कमल सिंह इंदौलिया, रमेश पुरी, मनोज त्रिपाठी, शिवम मुखेरिया, प्रवीण शर्मा, पुरुषोत्तम गिरि, अतुल अवस्थी, सागर चतुर्वेदी और विकास चतुर्वेदी सहित सैकड़ों विप्र बंधु उपस्थित रहे।