ऊर्जा साझेदारी का विस्तार : अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत को बताया ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’

   

                



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

 मुंबई/जामनगर। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहे, जहां उन्होंने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और ऊर्जा संबंधों को एक नया विस्तार दिया। मुंबई पहुंचने पर भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उनसे मुलाकात की,जिसके दौरान दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के सभी प्रमुख पहलुओं की गहन समीक्षा की।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने 'भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते' (बीटीए) को लेकर हुई बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

मंत्रालय ने कहा यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद की निरंतर गति को दर्शाती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों पक्ष 21वीं सदी के लिए 'भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट' को आगे बढ़ाने को कितना महत्व देते हैं।

दोनों नेताओं ने भारत में अमेरिकी राजदूत द्वारा आयोजित 'यू.एस. फ्रीडम 250 रिसेप्शन' में भी भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों के विकास में मुंबई के योगदान पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी को और गहरा करने के लिए हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को भी दोहराया। 

विदेश मंत्री रुबियो मुंबई के बाद अपनी कूटनीतिक यात्रा के दूसरे चरण में गुजरात के जामनगर पहुंचे, जहां उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के स्वामित्व वाले दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-साइट तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। इस दौरे के दौरान रुबियो ने भारत की बेजोड़ औद्योगिक क्षमता की खुलकर सराहना की और भारत को कच्चे तेल के प्रसंस्करण में 'रिफाइनिंग सुपरपावर' करार दिया। उन्होंने कहा कि अपनी अभूतपूर्व तेल प्रसंस्करण क्षमताओं के दम पर भारत आज दुनिया के ऊर्जा संकट को कम करने में एक गेम-चेंजर की भूमिका निभा सकता है। रुबियो के अनुसार वैश्विक स्तर पर रिफाइंड तेल उत्पादों और विशेष रूप से डीजल की कमी को दूर करने में भारत का विशाल रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रहा है।

डॉ.जयशंकर ने इसी समय भारत के दौर पर रहे यूएई के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद से भी मुलाकात की,जिसके बाद जयशंकर ने इसे एक त्रिपक्षीय बैठक बताते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा ऊर्जा, कनेक्टिविटी और समकालीन घटनाक्रमों पर विचारों का एक उपयोगी आदान-प्रदान हुआ।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)