समावेश के उत्सव में गोपी नाथ मंदिर में वृंदावन की विधवाओं ने मनाई दिवाली



हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

मथुरा, 6 नवंबर : वृंदावन की सैकड़ों विधवाओं ने,जिन्हें हाल के अतीत तक धार्मिक उत्सवों में शामिल होने से वंचित रखा जाता था, शुक्रवार को ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में आयोजित विशेष दिवाली समारोह में भाग लेकर मंदिर को रोशन कर दिया। यह कार्यक्रम सुलभ इंटरनेशनल द्वारा विधवा माताओं को समाज की मुख्यधारा में लाने और उनकी गरिमा बहाल करने की पहल के तहत आयोजित किया गया था।

भारत में पीढ़ियों से विधवाओं को "अशुभ" माना जाता था और उन्हें त्योहारों व शुभ अवसरों से दूर रखा जाता था। ऐसे आयोजन इस सामाजिक कलंक को तोड़ने और सांस्कृतिक जीवन में उनकी rightful भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास हैं। पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों की हजारों माताएं दशकों से वृंदावन में रह रही हैं और उन्हें अनुष्ठानों में भाग लेने की अनुमति नहीं थी, जब तक कि सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. बिंदेश्वर पाठक ने उन्हें सहारा नहीं दिया।

हालांकि, हाल के वर्षों में इन पवित्र शहरों में बदलाव की बयार बहने लगी है। गोपीनाथ मंदिर में यह उत्सव न केवल रोशनी का त्योहार था, बल्कि इन महिलाओं के लिए आशा, गरिमा और समावेश के प्रतीकात्मक प्रकाश का भी प्रतीक था, सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक श्रीमती नित्या पाठक ने कहा।

विभिन्न आश्रय गृहों में रहने वाली बड़ी संख्या में विधवा माताएं ऐतिहासिक 500 वर्ष पुराने गोपीनाथ मंदिर में एकत्र हुईं, रंग-बिरंगे दीये जलाए और उल्लास के साथ दिवाली मनाई।

एक विधवा माता श्रीमति छवि दासी ने कहा, "क्रांतिकारी पहलों की श्रृंखला से प्रेरित होकर, विधवा माताएं अब खुश हैं और भगवान कृष्ण की नगरी में अपने प्रवास का आनंद ले रही हैं।"

सुलभ इंटरनेशनल 2012 से वृंदावन और वाराणसी के विभिन्न आश्रमों में रहने वाली सैकड़ों माताओं की देखभाल कर रहा है।उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में सुलभ विभिन्न आश्रमों में रहने वाली विधवा महिलाओं की देखभाल करता है।