नीले रेशमी वस्त्र,स्वर्ण आभूषण और पीले-बैंगनी पुष्पमालाओं से सजा महागणपति का दरबार, आकर्षक विद्युत सज्जा से जगमगाया मंदिर परिसर
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। फिरोजाबाद रोड स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव के अंतर्गत नरक चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री वरद वल्लभा महागणपति का विशेष एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया। नीले रेशमी वस्त्रों, स्वर्णमंडित आभूषणों और पीले-बैंगनी पुष्पमालाओं से सजे भगवान महागणपति का दिव्य स्वरूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा। स्वर्णिम छत्र और भव्य सिंहासन पर विराजमान गणपति बप्पा के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
दीपोत्सव के अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत झालरों, रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों से सजाया गया। संध्या होते ही मंदिर की भव्य सजावट देखते ही बन रही थी। नरक चतुर्दशी पर भगवान के दर्शन और दीपदान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से दीप प्रज्वलित कर दीपदान किया और विघ्नहर्ता से परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही और गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मंदिर संस्थापक हरीमोहन गर्ग ने बताया कि दीपोत्सव के पांचों विशेष दिवस मंदिर में धार्मिक उल्लास और विशेष आयोजनों के साथ मनाए जा रहे हैं। इस दौरान भगवान महागणपति को प्रतिदिन अलग-अलग आकर्षक स्वरूपों में सजाया जा रहा है। मंदिर की विशेष विद्युत सजावट, पुष्प श्रृंगार और दीपदान के माध्यम से श्रद्धालुओं को दीपोत्सव की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व जीवन में प्रकाश, सकारात्मकता और मंगल भाव का संदेश देता है। भगवान महागणपति सभी के विघ्न दूर कर सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें, यही मंगलकामना है।
गणपति बप्पा मोरया के जयघोष और दीपों की जगमगाहट के बीच मंदिर में दीपोत्सव की छटा देखते ही बन रही थी।

