ऑल सोल्ज़ डे पर श्रद्धा और प्रार्थना के साथ याद किए गए दिवंगत प्रियजन

 


मोमबत्तियों की रोशनी और फूलों से सजी कब्रों पर उमड़ा विश्वासियों का सैलाब, दीपावली जैसा दिखा नजारा

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 2 नवंबर। ऑल सोल्ज़ डे (सभी दिवंगत विश्वासियों की यादगारी का दिन) के अवसर पर सोमवार को आगरा के विभिन्न गिरजाघरों और कब्रिस्तानों में विशेष प्रार्थना सभाओं एवं पवित्र मिस्सा बलिदान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ईसाई समाज के लोगों ने अपने दिवंगत परिजनों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को नम आंखों से याद किया तथा उनकी आत्मिक शांति के लिए परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की।

ईसाई धर्म में ऑल सोल्ज़ डे का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह दिन संसार से विदा हो चुके सभी दिवंगत विश्वासियों की स्मृति में मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग अपने प्रियजनों की कब्रों पर जाकर प्रार्थना करते हैं और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।

बागवान टॉकीज स्थित मार्टियर्स कब्रिस्तान में आगरा धर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष डॉ. राफ़ी मंजली ने विशेष पवित्र मिस्सा बलिदान अर्पित किया। इस दौरान फादर राजन दास एवं फादर मिरांडा भी उपस्थित रहे। महाधर्माध्यक्ष ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की। मिस्सा बलिदान के उपरांत पुरोहितों ने कब्रिस्तान में स्थित कब्रों पर पवित्र जल का छिड़काव कर उन्हें आशीष प्रदान की और दिवंगत विश्वासियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

गोरा कब्रिस्तान में भी हुई विशेष प्रार्थना :

छावनी स्थित गोरा कब्रिस्तान में भी ऑल सोल्ज़ डे के अवसर पर विशेष पवित्र मिस्सा बलिदान आयोजित किया गया। इसमें फादर जोसेफ डाबरे, फादर वर्गीस कुन्नाथ, फादर अजय एवं फादर विंसेंट ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। उन्होंने उपस्थित विश्वासियों के साथ दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

अपने प्रवचन में फादर जोसेफ डाबरे ने कहा, "मृत्यु जीवन का विनाश नहीं, बल्कि जीवन का विकास है।" उन्होंने कहा कि मनुष्य का सांसारिक जीवन अस्थायी है और एक दिन सभी को परमेश्वर के दरबार में उपस्थित होना है। उस समय हमारा विश्वास, अच्छे कर्म और दूसरों के प्रति प्रेम ही हमारे जीवन की सच्ची पहचान होंगे। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रेम, सेवा, क्षमा और सद्भावना के मार्ग पर चलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऑल सोल्ज़ डे हमें जीवन की नश्वरता का एहसास कराने के साथ-साथ दिवंगत प्रियजनों के प्रति प्रेम, सम्मान और आध्यात्मिक जुड़ाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

मोमबत्तियों की रोशनी से जगमगाए कब्रिस्तान, दिखा दीपावली जैसा नजारा :

पवित्र मिस्सा बलिदान के बाद पुरोहितों ने फूलों से सजी कब्रों पर पवित्र जल का छिड़काव कर उन्हें आशीष प्रदान की। इस दौरान विशेष रूप से स्वर्गीय बिशप एस.आर. कटिंग की कब्र पर भी आशीष दी गई।

शाम होते-होते कब्रिस्तान का नजारा देखते ही बन रहा था। मोमबत्तियों और दीपकों की रोशनी से जगमगाती कब्रें दीपावली जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। फूलों से सजी कब्रों के सामने खड़े होकर परिजन अपने दिवंगत प्रियजनों की याद में प्रार्थना कर रहे थे। वातावरण श्रद्धा, शांति और भावुकता से सराबोर था।

देर शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिजनों की कब्रों पर पहुंचते रहे। किसी ने मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की तो किसी ने फूल अर्पित कर अपने प्रियजनों को याद किया। इस दौरान कई लोगों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान श्री लॉरेंस मसीह, एल्विन सिल्वेरा, जॉय फिलिप, सिरिल बारा एवं श्री पॉल ने कब्रिस्तान में व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

इस अवसर पर क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष श्री डेनिस सिल्वेरा ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों एवं उपस्थित विश्वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 रिपोर्ट : असलम सलीमी