मीरा के प्रभु गिरधर नागर कार्यक्रम संपन्न



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : साहित्य संगीत संगम एवं चेतना के संयुक्त तत्वावधान में डा.अंबेडकर यूनिवर्सिटी के सामुदायिक रेडियो 90.4 आगरा की आवाज के सहयोग से ग्रैंड होटल आगरा में भक्ति कवयित्री मीराबाई के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मीरा के प्रभु गिरधर नागर कार्यक्रम प्रख्यात साहित्यकार श्री अरुण डंग जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।

मुख्य अतिथि श्री लक्ष्मण दास अग्रवाल जी के द्वारा सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण के उपरांत कुमारी पूजा तोमर की सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । अतिथियों का स्वागत श्री अशोक अश्रु ने किया।

इस अवसर पर श्री अरुण डंग जी ने कहा मीरा विद्रोह का विनम्र स्वर थीं । उन्होंने कृष्ण के गिरधर नागर स्वरूप को माना जिसमें जिसमें अध्यात्म के स्वर पूरी तरह से सम्मिलित थे। विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर सुषमा सिंह ने कहा मीरा को समझना कृष्ण को समझना है कृष्ण के प्रति उनका समर्पण प्रेम की अथाह गहराई का शाब्दिक अभिव्यक्तिकरण है। उनका विरह भी आनंद से भरा हुआ है।

इस अवसर पर विख्यात कलाकार सुश्री अर्चना अग्रवाल ने मीरा के भावों को चित्रित करती एक पेंटिंग को अरुण जी को भेंट किया। इसके बाद सिलसिला शुरू हुआ मीरा के पदों के संगीतमय प्रस्तुतीकरण का मीराबाई के पूरे जीवन को  शब्दों की डोरी में बांधते हुए सुशील सरित ने श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी से प्रारंभ ईश्वर यात्रा को प्रारंभ किया किया। 

प्रो.आन्शवना सक्सेना ने मैं तो गिरधर के घर जाऊं, कुमारी पूजा तोमर ने बसो मेरे नैनन में नंदलाल ,लवेश अग्रवाल ने पायो जी मैंने  राम रतन धन पायो ,सुभाष सक्सेना ने भोलेनाथ दिगंबर आदि मीरा के पदों को प्रस्तुत किया और समापन हुआ मीरा के द्वारकाधीश के स्वरूप में  विलय को व्यक्त करते हुए उनके पद-जोगी मत जा जोगी मत जा से। संगीत संयोजन में सहयोग दिया राज मैसी ने। धन्यवाद ज्ञापित किया श्री हरीश भदौरिया ने संयोजन सहयोगी थे श्री दुर्गा विजय सिंह दीप, चंद्रशेखर शर्मा और हरीश अग्रवाल ने।

 इस अवसर पर श्री जगमोहन गुप्ता  श्रीमती रमा वर्मा श्रीमती विजया तिवारी श्रीमती गायत्री , श्रीमती आभा चतुर्वेदी श्री नीरज जैन श्री मोहन कुशवाहा मोहन सिंह सोलंकी आदि  की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

रिपोर्ट : असलम सलीमी