शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत करेगा एमिटी विश्वविद्यालय और द रिस्क मैनेजमेंट सोसाइटी के मध्य समझौता



हिन्दुस्तान वार्ता, नोएडा।अनिल दूबे।

सभी क्षेत्रों में बढ़ रहे जोखिम प्रबंधन अभ्यास की मांग के अनुरूप छात्रों को शिक्षण अवसर प्रदान करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय और यूएस कीे द रिस्क मैनेजमेंट सोसाइटी के मध्य शैक्षणिक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया गया जिसके अंर्तगत संस्थान के स्नातक और स्नातकोत्तर नेटवर्क के लिए आरआईएमस - सीआरएमपीे (प्रमाणित जोखिम प्रबंधन व्यवसायिक) सर्टिफिकेशन पाठयक्रम की श्रृखंला प्रस्तुत करना है। इस आॅनलाइन समझौता पत्र हस्ताक्षर समारोह में यूएस के रिस्क मैनेजमेंट सोसाइटी की सुश्री मैरी रोथ, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला, रिस्क मैनेजमेंट सोसाइटी के साउथ एशिया के वैश्विक विकास निदेशक श्री गोपाल कृष्णन के एस और एमिटी स्कूल आॅफ इंश्योरेंस बैकिंग एंड एक्चुरियल साइंसेस के निदेशक श्री ए पी सिंह उपस्थित थे।

सितंबर के प्रारंभ में एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा बैकिंग, बीमा, एक्चुरियल सांइसेस एवं वित्तीय स्नातकों के साथ स्थापित व्यवसायिक अधिकारियों के अपने नेटवर्क के लिए व्यापक जोखिम प्रबंधन सीखने का अनुभव प्रदान करेगा। जो आरआईएमएस - सीआरएमपीे (प्रमाणित जोखिम प्रबंधन व्यवसायिक) के साथ संरेखित विश्व का एकमात्र मान्यता प्राप्त जोखिम प्रबंधन पाठयक्रम है। इस पांच सप्ताह का मजबूत कार्यक्रम जोखिम प्रबंधन क्षमताओं को विकसित करने के लिए रणनीतियों का पता लगाएगा जिनमें व्यापार माॅडल का विश्लेषण करना, संगठनात्मक जोखिम रणनीतियों को डिजाइन करना, जोखिम प्रक्रियाओं को लागू करना, संगठनात्मक जोखिम दक्षताओं केा विकसित करना, निर्णय लेने में सहायता करना आदि है। पाठयक्रम पूर्ण करने और आरआईएमएस - सीआरएमपीे सर्टिफिकेशन परीक्षा पास करने पर प्रतिभागी दोनो उपाधियां एमिटी विश्वविद्यालय के साथ आरआईएमएस - सीआरएमपीे (प्रमाणित जोखिम प्रबंधन व्यवसायिक) के्रडेंश्यिल प्राप्त कर सकेगा।

यूएस की द रिस्क मैनेजमेंट सोसाइटी की सुश्री मैरी रोथ ने संबोधित करते हुए कहा कि यह समझौता दोनो संस्थानों के लिए बेहतरीन अवसर है और  प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि एमिटी के माध्यम से हम हजारो छात्रों तक पहंुच सकगें। आज भारत में नये चैप्टर का प्रारंभ कर रहे है। आपके साथ हुए इस समझौते से भारत में हमारी और इस चैप्टर की गतिविधियों में इजाफा होगा। हमारी प्राथमिकता जोखिम प्रबंधन व्यवसायिकों के साथ नेटर्वक बनाना है जो उनके कैरियर विकास मेें सहायक होगा।

एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला ने कहा कि एमिटी छात्रों को सदैव वैश्विक अवसर प्रदान करता रहा है और यह समझौता उसी क्रम में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह साझेदारी फैकल्टी का नेटर्वक बनाने, पेशेवर दुनिया के साथ जुड़ने में एक बड़ा अवसर प्रदान करेगी। डा शुक्ला ने कहा कि यह उद्योग का समर्थन करने के लिए नेटवर्किंग, साझेदारी और विकासशील तालेमेल का युग है जो जोखिम प्रबंधन की दक्षताओं को विकसित करना चाहते है। इस तरह का प्रमाणन छात्रों को लाभ प्रदान करता है क्योंकि रोजगार और विशेषज्ञता की संभावना को बढ़ाता है। 

                द रिस्क मैनेजमेंट सोसाइटी के साउथ एशिया के वैश्विक विकास निदेशक श्री गोपाल कृष्णन के एस ने कहा कि सम्मानित एमिटी विश्वविद्यालय के साथ जुड़ने से आरआईएमएस को भारत में जोखिम प्रबंधन क्षमताओं के मूल्य को प्रदर्शित और प्रोत्साहित करने यात्रा को जारी रखने की अनुमती प्राप्त होगी। हम जोखिम प्रबंधन पेशे में उपलब्धि के चरम को प्राप्त करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के प्रभावशाली नेटवर्क के साथ जुड़ने के अवसर को साझा करने के लिए उत्साहित है।

एमिटी स्कूल आॅफ इंश्योरेंस बैकिंग एंड एक्चुरियल साइंसेस के निदेशक श्री ए पी सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एमिटी स्कूल आॅफ इंश्योरेंस बैकिंग एंड एक्चुरियल साइंसेस की उपलब्धियों और छात्रों को इस समझौता पत्र से होने वाले लाभों की जानकारी दी। इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय के अधिकारीगण और शिक्षकगण उपस्थित थे।

विदित हो कि आरआईएमएस - द रिस्क मैनेजमेंट सोसाइटी एक वैश्विक गैर लाभीय और विश्व भर में जोखिम अभ्यास को बढ़ाने में प्रतिबद्ध संस्थान है। वे 60 से अधिक देशों में अपने सदस्य 10,000 जोखिम प्रबंधन पेशेवरों को नेटवर्किंग व्यवसायिक विकास, प्रमाणन और शिक्षा के अवसर प्रदान करते है।

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