द्वितीय ऑल इंडिया होम्योपैथिक कांग्रेस : उपचार के साथ जगा भरोसा,शोध के साथ बढ़ी उम्मीद

 

( हिन्दुस्तान वार्ता के स्टेट हेड धर्मेन्द्र कु.चौधरी को सम्मानित करते भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया )

द्वितीय दिवस कैंसर,एएमआर,पूरक चिकित्सा पद्धतियां और मियाज़मैटिक थ्योरी पर हुआ गहन वैज्ञानिक मंथन,

ऑक्सीजन की कमी से पनपता है कैंसर, होम्योपैथिक कांग्रेस में विशेषज्ञों का विचार,लीडर्स आगरा ने किया होम्योपैथिक चिकित्सकों का सम्मान 

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। ताजनगरी आगरा में आयोजित द्वितीय ऑल इंडिया होम्योपैथिक कांग्रेस का द्वितीय दिवस शोध, विज्ञान और अनुभव आधारित विमर्श के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। हरीपर्वत स्थित एमडी जैन आचार्य शांति सागर सभागार में आयोजित कांग्रेस के द्वितीय दिवस का शुभारंभ मेयर हेमलता दिवाकर द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी, आयोजन सचिव डॉ. पार्थसारथी शर्मा, महामंत्री डॉ. एन.एस. रघुराम,रोहित जैन,राहुल जैन तथा लीडर्स आगरा के महामंत्री सुनील जैन मंचासीन रहे।

मेयर हेमलता दिवाकर ने अपने संबोधन में कहा कि देशभर में होम्योपैथी के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है। यह चिकित्सा पद्धति सुरक्षित,किफायती और आमजन के लिए प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है। विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) विजय शिवहरे द्वारा वैज्ञानिक सत्रों में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी पर बढ़ता जनविश्वास इसके वैज्ञानिक आधार और व्यावहारिक सफलता का प्रमाण है। मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर एवं जटिल बीमारियों में होम्योपैथी से सकारात्मक और सफल परिणाम सामने आए हैं। 

कैंसर पर सर्वाधिक शोध पत्र प्रस्तुत :

आयोजन सचिव डॉ.पार्थसारथी शर्मा ने बताया कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कांग्रेस में सर्वाधिक शोध पत्र कैंसर विषय पर प्रस्तुत किए गए,जो यह दर्शाता है कि होम्योपैथिक चिकित्सा जगत में कैंसर को लेकर गंभीर, वैज्ञानिक और शोध आधारित कार्य हो रहा है। डॉ.शर्मा ने कहा कि “कैंसर की कोशिकाएं प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में प्रतिदिन बनती हैं और प्रतिदिन नष्ट भी होती रहती हैं। जब शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है,तब यही कैंसर कोशिकाएं सक्रिय होकर विकसित होने लगती हैं।

उन्होंने आमजन को जागरूक करते हुए कहा कि यदि वातानुकूलित कमरे में अचानक घुटन या भारीपन महसूस होने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह संकेत हो सकता है कि शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही है,जो कैंसर कोशिकाओं के पनपने का अनुकूल वातावरण बना सकती है।

डॉ.पार्थसारथी शर्मा ने सलाह दी कि घरों,कार्यालयों और चिकित्सीय कक्षों में क्रॉस वेंटिलेशन की व्यवस्था सदैव रखनी चाहिए ताकि पर्याप्त ऑक्सीजन प्रवाह बना रहे और शरीर स्वस्थ रह सके।

एएमआर और पूरक चिकित्सा पद्धतियों पर फोकस :

द्वितीय दिवस के वैज्ञानिक सत्रों में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की वैश्विक चुनौती और नई एंटीबायोटिक दवाओं के सीमित विकास पर भी गंभीर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि इन परिस्थितियों में होम्योपैथी जैसी पूरक एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियां (Complementary Medical Systems) भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

पश्चिम बंगाल से आए वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ.धुर्वा ज्योति मित्रा ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में होम्योपैथी की प्रभावशीलता पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि होम्योपैथी रोगी की संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करती है।

इसके पश्चात प्रो.(डॉ.)अनंत प्रकाश गुप्ता (उदयपुर) ने “ क्लीनिकल - आइसोलेट्स के विरुद्ध कैलेंडुला ऑफिनालिस क्यू का एंटीबैक्टीरियल प्रभाव” विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आज चिकित्सा विज्ञान के समक्ष मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (MDR) जीवाणु एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं, जिनमें MRSA, ESBL उत्पादक एंटरोबैक्टीरिएसी, कार्बापेनेम रेजिस्टेंट क्लेब्सिएला न्यूमोनिया,मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट स्यूडोमोनास एरुजिनोसा तथा VRE प्रमुख हैं।

मियाज़मैटिक थ्योरी पर विशेष व्याख्यान :

वैज्ञानिक सत्रों की श्रृंखला में “Miasmatic Theory & Its Role in Chronic Diseases” विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। चिकित्सा अधिकारी,हाथरस डॉ.ए.के.सिंह ने कहा कि होम्योपैथी की मूल शक्ति रोग के प्राथमिक कारण की पहचान में निहित है। उन्होंने कहा कि तीव्र रोगों के संभावित कारणों के ज्ञान और दीर्घकालिक रोगों के संपूर्ण रोग-इतिहास के विश्लेषण से ही रोग के वास्तविक कारण तक पहुंचा जा सकता है।उन्होंने बताया कि सोरा,साइकोसिस और सिफिलिस जैसे मियाज़्म्स की सही पहचान के बिना दीर्घकालिक रोगों का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

सफल रहा द्वितीय दिवस :

अध्यक्ष डॉ जेएन सिंह रघुवंशी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के द्वितीय दिवस में आगरा सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए होम्योपैथिक चिकित्सकों,शोधकर्ताओं के साथ ही आमजन ने सक्रिय सहभागिता की। लोगों ने होम्योपैथिक से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियां को दूर करने हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों से प्रश्न भी पूछे। आगरा के प्रख्यात चिकित्सक डॉ.(प्रो.) कैलाश  चन्द्र सारस्वत की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

लीडर्स आगरा ने किया चिकित्सकों को सम्मानित :

मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने मोमेंटो देकर खास चिकित्सक एवं मीडिया पर्सन को सम्मानित किया एवं उन्हें आयोजकों ने सम्मानित किया। लीडर्स आगरा के महामंत्री सुनील जैन, राहुल जैन,सुनील बग्गा,राजदीप ग्रोवर, हरिकांत शर्मा,डॉ.चारु शुक्ला ने देशभर से आए चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 

आयोजन में होम्योपैथी मेडिसिन की कई कम्पनियों की स्टॉल्स आकर्षण का केन्द्र रहीं,जिसमें SSL BIOTECH P.Ltd.दिल्ली,की भूमिका उल्लेखनीय रही।



 जय डॉ.क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन 👍