पीएलबी बोनस की पुरानी सीलिंग पर जताई आपत्ति, 30 प्रतिशत अंतरिम राहत और न्यूनतम वेतन 72 हजार रुपये करने की मांग
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
प्रयागराज। भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर 22 से 28 अक्टूबर तक चलाए जा रहे चेतावनी सप्ताह के तहत उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जोनल अध्यक्ष हेमंत कुमार विश्वकर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के माध्यम से प्रधानमंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें आठवां वेतन आयोग शीघ्र लागू करने, उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) की गणना में पुरानी सीलिंग का विरोध करने और कर्मचारियों को 30 प्रतिशत अंतरिम राहत देने की मांग की गई।
संघ के महामंत्री कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को 7,000 रुपये की पुरानी सीलिंग के आधार पर उत्पादकता आधारित बोनस दिया गया है, जिसका संघ विरोध करता है। उन्होंने मांग की कि बोनस की गणना 18,000 रुपये के न्यूनतम वेतन के आधार पर की जाए और शेष बोनस का भुगतान दीपावली से पहले किया जाए। साथ ही आठवें वेतन आयोग को लागू करने में हो रही देरी से कर्मचारियों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को देखते हुए 30 प्रतिशत अंतरिम राहत दी जाए।
कार्यकारी अध्यक्ष निर्भय कुमार सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग के दौरान भत्तों के 18 महीने के बकाया का नुकसान कर्मचारियों को उठाना पड़ा था। उन्होंने आशंका जताई कि आठवें वेतन आयोग को लागू करने में देरी होने पर कर्मचारियों को फिर आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे मजदूर संघ विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाओं और मंडलों में गेट मीटिंग के माध्यम से कर्मचारियों को जागरूक कर रहा है।
संघ ने परिवार की गणना में कर्मचारी के माता-पिता को भी शामिल करते हुए चार यूनिट के आधार पर न्यूनतम वेतन 72,000 रुपये निर्धारित करने की मांग उठाई।
मुख्यालय मंडल मंत्री प्रवीण नेवलकर ने कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों को दिया जा रहा पीएलबी बोनस छठे वेतन आयोग के वेतनमान के आधार पर निर्धारित किया जा रहा है, जबकि सातवां वेतन आयोग लागू है और आठवें वेतन आयोग की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि 78 दिनों के बोनस की घोषणा के बावजूद कर्मचारियों को मात्र 17,951 रुपये का भुगतान किया जाना उनके साथ अन्याय है।
जोनल संयुक्त मंत्री बीना सिंह ने मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्ष करने की जिम्मेदारी निभाने में वे पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ गैर-मान्यता प्राप्त संगठन होने के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठा रहा है।
जोनल अध्यक्ष हेमंत कुमार विश्वकर्मा ने चेतावनी सप्ताह के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मंडलों और डिपो में आयोजित सभाओं के माध्यम से कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
प्रदर्शन के बाद कर्मचारी नारेबाजी करते हुए महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी मुदित चंद्रा ने प्राप्त किया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तक भेजने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री रविकांत, जोनल कोषाध्यक्ष अजय सिंह, जोनल उपाध्यक्ष रुक्मानंद पांडेय, जोनल संयुक्त मंत्री बंशी बदन झा, मुख्यालय मंडल अध्यक्ष अजय सिंह, प्रयागराज मंडल अध्यक्ष सनी कुमार, मंडल मंत्री आशीष मिश्रा, झांसी मंडल अध्यक्ष सतीश गुप्ता, मंडल मंत्री भानु प्रताप सिंह चंदेल, आगरा मंडल मंत्री उमाशंकर भारद्वाज, जिला मीडिया प्रभारी रामरतन सिंह सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और रेल कर्मचारी मौजूद रहे।


