बूथ कैप्चरिंग और प्रशासनिक दुर्व्यवहार के लगाए आरोप, बोले- मेरे परिवार के साथ मुझे भी जेल में डाल द
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव के बीच आगरा में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। कैमरे के सामने भावुक होकर फूट-फूटकर रोते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि खेरागढ़, फतेहाबाद और छत्ता में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बूथ कैप्चरिंग की गई। उन्होंने कहा कि शिकायत करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई और सरकारी मशीनरी की ओर से उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
डॉ. आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान खुलेआम मनमानी की गई। उन्होंने दावा किया कि खाने के नाम पर कमरे बंद कर दिए गए और इस दौरान चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। सपा प्रत्याशी ने कहा कि जब शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में न्याय नहीं मिलता, तो आम आदमी किससे उम्मीद करे?
न्याय व्यवस्था से भरोसा उठने की कही बात :
सपा प्रत्याशी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था से उनका भरोसा उठता जा रहा है। भावुक होकर उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह शाही जामा मस्जिद जाकर इस्लाम कबूल कर लेंगे। उनके इस बयान ने चुनावी माहौल में नई चर्चा छेड़ दी है।
उन्होंने कहा कि यदि अपनी बात रखना और कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना गलत है, तो उनके परिवार के साथ उन्हें भी जेल में डाल दिया जाए। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
फतेहाबाद ब्लॉक का वीडियो वायरल होने का दावा :
इस बीच फतेहाबाद ब्लॉक में कथित बूथ कैप्चरिंग से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल होने की बात सामने आई है। हालांकि, वीडियो की सत्यता, घटनास्थल और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी आवश्यक है। वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित तथ्यों की जांच जरूरी है।
प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल :
डॉ. आकाश अग्रवाल ने चुनाव के दौरान प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनके आरोपों के बाद आगरा में चुनावी माहौल गरमा गया है। हालांकि, बूथ कैप्चरिंग, अधिकारियों के कथित दुर्व्यवहार और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
फिलहाल,सपा प्रत्याशी के आरोपों ने एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें इन आरोपों की जांच और प्रशासन की ओर से आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।


