हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा : 77 वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर कांग्रेस पार्टी द्वारा परंपरागत जुलूस फुलट्टी चौराहे की जगह हरियाली वाटिका से भारत माता की झांकी पर माल्यार्पण कर निकाला गया,जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शमिल हुए।जुलूस का समापन दरेसी स्थित पुरानी चुंगी के मैदान में हुआ। जुलूस का मार्ग पर,जगह-जगह जोरदारी के साथ स्वागत हुआ। सर्वप्रथम तिलक बाजार तिराहे पर कांग्रेस नेता नवीन चन्द्र शर्मा के नेतृत्व में फूल-मालाओं व मिष्ठान से जोरदार स्वागत हुआ। दूसरा स्वागत सेव के बाज़ार में पूर्व शहर अध्यक्ष राम टंडन के कार्यालय पर हुआ,जहाँ जुलूस पर पुष्प वर्षा की गई। जुलूस में सैकड़ों युवा,लड़कियाँ व महिलाओ की संख्या देखने को मिली,जो भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयकारे लगाते हुए साथ चल रहे थे।
जुलूस में अश्वनी जैन,राम टंडन,दिनेश बाबू शर्मा ,जगदीश यादव,सतीश शर्मा,पारो शर्मा, नरेंद्र शर्मा ताहिर हुसैन, बंटी खान, नवीन शर्मा ,अपूर्व शर्मा, अमित सिंह शहर अध्यक्ष,अदनान कुरैशी,आई.डी.श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। कोतवाली को गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाया गया।
फुलट्टी से निकलने वाला परंपरागत भारत माता के जुलूस की परंपरा टूटी :
गणतंत्र दिवस की 77 वीं वर्षगांठ पर आज फुलट्टी चौराहे से भारत माता की भव्य झांकी के साथ परंपरागत जुलूस निकाला गया। जुलूस का कई स्थानों पर स्वागत किया गया लेकिन इस बार कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष के द्वारा जुलूस को रावतपाड़ा बाजार,जामा मस्जिद तिकोनिया,रोशन मौहल्ला की ओर नहीं ले जाकर वहां परम्परागत स्वागत करने वालों को निराश किया।
अंग्रेजों के शासनकाल 1942 से निकलने वाला जुलूस को परंपरागत रूट को छोड़ दिया। शहर अध्यक्ष की इस मनमानी से कांग्रेस जनों व जुलूस के पुराने रूट पर स्वागत करने वाले समाजसेवियों,बाजार कमेटियों व अन्य वर्गों के लोगों ने रोष प्रकट किया है।
जुलूस का महत्व :
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के आवाहन पर अंग्रेजों के खिलाफ सत्याग्रहियों ने अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में छेड़ा था, इस जुलूस की शुरुआत उसी आंदोलन से हुई थी उस समय यह जुलूस फुलट्टी से शुरू होता था और फुव्वारे तक पहुंचते पहुंचते ब्रिटिश पुलिस के द्वारा सत्याग्रहियों को गिरफ्तार कर लिया जाता था।
रिपोर्ट : असलम सलीमी



