फतेहपुर सीकरी नगर पालिका अध्यक्ष ने जन स्वास्थ्य घातक धूल के सूक्ष्म कणों को लेकर जतायी थी चिंता
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा : ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ ) में राजस्थान के धूल भरे अंधडों का ‘गेट वे’ माने जाने वाले फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की शुष्कता दूर करने और गिरते जलस्तर को थामने(भूजल पुनर्भरण ) को दृष्टिगत अत्यंत उपयोगी माने जाने वाले ‘तेरह मोरी बांध’ को जल संचय उपयुक्त बनाया जायेगा। यह कार्य अगर संभव हो सका तो ताजमहल की धूल के कणों से सुरक्षा और फतेहपुर सीकरी-किरावली क्षेत्र के नागरिकों की सुरक्षा को दृष्टिगत अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं सदस्य-संयोजक टी० टी० जेड० प्रा० श्रीमती एम.अरुन्मोली (IAS) ने तृतीय मण्डल,सिंचाई कार्य,आगरा के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर विस्तृत परीक्षण कर विभाग की स्पष्ट संस्तुति /अभिमत आख्या मंडलायुक्त व अध्यक्ष टी० वि० जेड० प्राधिकरण को यथाशीघ्र उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया है।
स्थानीय जलग्राही क्षेत्र से भरपूर पानी :
जलसंचय और जनपद की 70 कि मी लम्बी मानसून कालीन अंतर्राज्यीय खारी नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित करने वाला ‘तेरह मोरी’ बांध ताज ट्रिपेजियम जोन( taj trapezium zone area) के तहत आने वाला महत्वपूर्ण बांध है।उ प्र सिंचाई विभाग के प्रशासन के तृतीय मण्डल, सिंचाई कार्य, आगरा के तहत प्रबंधित है।
राजस्थान के अजान बांध (भरतपुर)का डाउनस्ट्रीम में किया जाने वाला डिस्चार्ज और बांध की बृजेन्द्र सिंह मोरी के डाउन का मानसून कालीन वर्षा जल इसके मुख्य जलस्त्रोत हैं।इनके अलावा फतेहपुर सीकरी के विंध्य पर्वतमाला के विस्तारित हिस्से (Ridge) क्षेत्रों से मानसून कालीन जलधारायें भी बांध में पानी का योगदान करती हैं।अजान बांध से पानी का आना राजस्थान सरकार ने रोका हुआ है,इसके बावजूद सामान्य मानसून(600-630 मिमी ) रहने के बावजूद बडी जलराशि बांध में संचयन को उपलब्ध होती है।
बांध के गेट जब तक संचालन की स्थिति में रहे इस जलराशि को मानसून काल में रोका जाता था और बाद में किसानों की जरूरत के अनुसार खारी नदी डिस्चार्ज कर दिया जाता था। लेकिन जब से बांध के सैल्यूस गेट (Sluice Gate) उपेक्षित एवं असंचालित(Non-operational)स्थिति में पहुंचे है,तब से बांध में पानी पहुंचता तो है किंतु बिना ठहरे बह जाता है।
फतेहपुर सीकरी पालिका परिषद का पत्र :
ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी के अध्यक्ष (मंडलायुक्त आगरा) को फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद की नगर पालिका परिषद (आगरा) की वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती शबनम इस्लाम ने 21जनवरी 2026 को पत्र लिखकर फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (Suspended Particulate Matter) में 2.5 माइक्रोन या उससे भी छोटे (Fine Particulate Matter) के कणों की मौजूदगी के संबंध में जानकारी लाये जाने का उल्लेख करते हुए जन स्वास्थ्य पर इनके प्रतिकूल प्रभाव पडने पर चिंता जतायी थी। उन्होंने कहा है कि अगर तेरहमोरी बांध में मानसून कालीन वर्षा जल का ठहराव सुनिश्चित किया जा सके तो न केवल क्षेत्र के जलस्तर में सुधार होगा साथ ही वायु प्रदूषण की स्थिति में भी सुधार होगा।
धूल भरी हवाओं का गेट वे
ताज ट्रिपेजियम जोन में धूल और ‘धूल भरे अंधडों का गेटवे’ माने जाने वाले फतेहपुर सीकरी फतेहपुर सीकरी के तेरहमारी बांध को पुन: जलसंचय उपयुक्त संरचना करने के लिये सिंचाई विभाग के द्वारा अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जाएगी, इस संबंध में ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण के द्वारा निर्देश दिया गया है।यह बांध विश्वदाय स्मारक समूह का अंतरिम भाग है और पुरातत्व सर्वेक्षण भारत के आगरा सर्किल की स्मारक सूची में 45 वे नम्बर दर्ज फतेहपुर सीकरी स्मारक समूह की सूची में तेरहमोरी (Viaduct across the road leading to Bharatpur) के रूप में सूचीबद्ध है।
वैसे तो बांध के अनुरक्षण संबधी सभी कार्य जरूरी हैं,किंतु इनमें सबसे अहम बांध के गेटों की मरम्मत करवा उन्हें जलसंचय उपयुक्त बनाना है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने जताई सूक्ष्म कणों के प्रकोप पर चिंता :
ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म धूलिय कडों के जनस्वास्थ्य पर पडते प्रतिकूल असर को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया ने भी एक पत्र प्रदेश के सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को लिखा है। उन्होंने कहा है कि अगर तेरह मोरी बांध के गेटो की मरम्मत हो जाये तो उसमें मानसून कालीन जल का ठहराव संभव हो जाने मात्र से फतेहपुर सीकरी सहित अछनेरा और अकोला विकासखंड के गांवों के भूजल स्थिति में बड़ा सुधार आ जाएगा,साथ ही वृक्षारोपण के प्रयासों को अधिक अनुकूलता मिलेगी। सिंचाई मंत्री से उन्होंने राजस्थान के द्वारा उटंगन नदी के पानी में से यूपी के हिस्सा का डिस्चार्ज सुनिश्चित करवाने को कहा है।यह पानी खनुआ बांध होकर उ प्र की सीमा में आता है।डा.भदौरिया ने कहा कि शासन स्तर से इस संबंध में प्रयास जरूरी हैं।
शासन खनुआ बांध के लिये राजस्थान को भी लिखे :
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने कहा है कि दोनों बांध (तेरह मोरी बोध और खनुआ बांध ) ताज ट्रिपेजियम जोन के क्षेत्र के तहत आने वाली महत्वपूर्ण संरचनायें हैं। प्रसन्नता है कि ताज ट्रिपेजियम जोन अध्यक्ष ने इनमें से तेरहमोरी बांध को फंक्शनल बनाये जाने के के संबंध में सिंचाई विभाग से जानकारी मांगी है।उन्होंने उम्मीद जताई है कि खनुआ (खानवा)बांध को फंक्शनल बनाये जाने के लिये भी ताज ट्रिपेजियम जोन शीघ्र ही महत्वपूर्ण कदम उठायेगा।लगभग 22वर्ग कि मी की खनुआ बांध भूजल रिचार्ज को दृष्टिगत अत्यंत प्रासंगिक जलसंचय संरचना है। किरावली तहसील के सिरौली गांव से जनपद में प्रवेश करने वाली महत्वपूर्ण नदी है, खनुआ बांध ही उटंगन का यह उद्गम स्रोत है।
रिपोर्ट : असलम सलीमी



