हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा,रविवार। ताजनगरी आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में रविवार को एक ऐतिहासिक पहल की गई। होटल अमर विलास में आयोजित इंडिया–न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट में इस महत्वाकांक्षी पहल का भव्य लॉन्च हुआ।
कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, न्यूज़ीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री Todd McClay तथा भारत में न्यूज़ीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मंडल उपस्थित रहा।
इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने, निर्यात बढ़ाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। बताया गया कि देश का सबसे बड़ा फुटवियर क्लस्टर होने के नाते आगरा अब तेजी से ग्लोबल फुटवियर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह पहल भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और सरकार हर संभव समर्थन देगी।Todd McClay ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को वैश्विक सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पूरन डावर का विजन : समन्वय ही सफलता की कुंजी
फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच मजबूत समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पहल निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ बड़े स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आगरा की मजबूत दावेदारी :
आगरा का फुटवियर उद्योग देश के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक योगदान देता है।यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो करीब 4–5 लाख लोगों को रोजगार देती हैं।यूरोप,अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व के बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत पकड़ है।
कारीगरी और तकनीक का संगम :
आगरा की पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक मशीनरी का संयोजन इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिला रहा है। लागत के लिहाज से यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
FTA से निर्यात में उछाल की उम्मीद :
कार्यक्रम में FTA, CEPA और अन्य व्यापार समझौतों के जरिए निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल,डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसरों पर भी चर्चा हुई।
इंफ्रास्ट्रक्चर देगा गति :
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। उद्योग जगत ने 2030 तक शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और सरल निर्यात प्रक्रियाओं की मांग भी रखी।
ब्रांड ‘आगरा’ को वैश्विक पहचान :
आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग और बायर–सेलर मीट के जरिए वैश्विक पहचान को मजबूत किया जाएगा।
सीएलई चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग निर्यात का मजबूत स्तंभ है।
वाइस चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीक को इसकी ताकत बताया।
एफडीडीआई के एमडी विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को भविष्य की कुंजी बताया।
रीजनल चेयरमैन (नॉर्थ) मोतीलाल सेठी ने कहा कि उचित नीति समर्थन से उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग निवेश आकर्षित कर सकता है।
ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद :
कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग भारत सरकार की संयुक्त सचिव पेटल ढिल्लों, निदेशक तरुणा डूलिया, अवर सचिव बिमलेश कुमार झा,न्यूज़ीलैंड की वरिष्ठ प्रेस सचिव जूली जोह्न्स्टन, सीएलई के क्षेत्रीय अध्यक्ष (मध्य) यादवेंद्र सिंह, क्षेत्रीय निदेशक अतुल कुमार मिश्रा, उपनिदेशक आर.के. शुक्ला,एफमेक उपाध्यक्ष राजेश सहगल, राजीव वासन, महासचिव प्रदीप वासन, सचिव अनिरुद्ध मोहन तिवारी,मेट्रो एंड मेट्रो के अजित कलसी, गुप्ता एच.सी. ओवरसीज के अजय गुप्ता, कंसेप्ट कंसीवर्स एंड एग्जीक्यूटर्स के गगन छाबरा, विरोला इंटरनेशनल के सुशील सचदेवा व ईशान सचदेवा,रोमसन्स ग्रुप के किशोर खन्ना, डायमंड कारपेट के ललित जैन, स्टोनमैन क्राफ्ट्स के रजत अस्थाना, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, नीतेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, बसंत ओवरसीज के कुलदीप गुजराल, लघु उद्योग भारती आगरा के अध्यक्ष विजय गुप्ता, प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल सहित कई उद्योगपति एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वैभव छिब्बर ने किया।
“विश्व की जूता राजधानी” के रूप में आगरा का यह लॉन्च न केवल शहर, बल्कि पूरे देश के फुटवियर उद्योग के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है और पूरन डावर द्वारा रेखांकित उद्योग–सरकार समन्वय इसकी सफलता का सबसे बड़ा आधार बनेगा।





