उत्तरी बाईपास के बावजूद शहर में प्रवेश कर रहे ट्रकों पर रोक की मांग, टीटीजेड में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर
हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो
आगरा,15 अप्रैल। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में शहर की ट्रैफिक और पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में संजय प्लेस क्षेत्र में पैदल यात्रियों की सुरक्षा, भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश और ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए।
समिति सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता के.सी. जैन ने संजय प्लेस में फुटपाथों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पैदल यात्रियों को मजबूरन सड़कों पर चलना पड़ रहा है, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्णय का हवाला दिया जिसमें पैदल चलने की सुविधा को नागरिकों का मौलिक अधिकार माना गया है। इस पर समिति ने नगर निगम को निर्देश दिए कि संजय प्लेस में फुटपाथ सुधार की विस्तृत योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।
बैठक में यह भी सामने आया कि 4 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ 14 किलोमीटर लंबा उत्तरी बाईपास अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल नहीं हो सका है। बाहरी भारी वाहन अब भी एनएच-19 के रास्ते शहर के अंदर प्रवेश कर रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। के.सी. जैन ने रायपुर जाट और कुबेरपुर पर अनिवार्य डायवर्जन लागू करने तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 115 के तहत अधिसूचना जारी कर बाहरी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। जिलाधिकारी ने इस विषय को परिवहन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
टीटीजेड क्षेत्र में हरित आवरण की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया गया कि वर्तमान में यहां केवल लगभग 3 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जबकि राष्ट्रीय औसत 22 प्रतिशत और लक्ष्य 33 प्रतिशत है। किसानों को पेड़ काटने की अनुमति में आ रही जटिलताओं और एक पेड़ के बदले दस पौधे लगाने की अनिवार्यता के कारण वृक्षारोपण प्रभावित हो रहा है। समिति ने वृक्षारोपण की प्रक्रिया को सरल और व्यवहारिक बनाने की जरूरत पर बल दिया।
रिपोर्ट : असलम सलीमी

