हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। 13 अप्रेल,जलियांवाला बाग हत्याकांड की स्मृति में बैसाखी के अवसर पर लता कुंज, बालूगंज में ‘यादगार-ए-शहीद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वोदय चरखा मंडल एवं सर्वोदय सत्संग मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ शशि शिरोमणि (वास्तुकार) के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने बताया कि यह आयोजन पिछले लगभग पांच दशकों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है,जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संजोए रखना है। इस दौरान स्वर्गीय प्रकाश नारायण शिरोमणि एवं स्वर्गीय गोपाल नारायण शिरोमणि के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को विशेष रूप से याद किया गया और वक्ताओं ने उनसे जुड़ी स्मृतियां साझा कीं।
अतिथियों का स्वागत श्री रवी शिरोमणि (एडवोकेट), डॉ.अशोक शिरोमणि एवं अश्विनी शिरोमणि ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार डॉ.बचन सिंह सिकरवार एवं डॉ.मधु मोद रायजादा को उनके दीर्घकालीन पत्रकारिता योगदान के लिए असीम एवं अमोल शिरोमणि द्वारा सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में डॉ.बचन सिंह सिकरवार ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिन उद्देश्यों के लिए अपना बलिदान दिया था,उनकी वह परिकल्पना अभी भी साकार नहीं हो पाई है। वर्तमान में पत्रकारिता की विश्वसनीयता घट रही है,जिसे सदियों के संघर्ष से अर्जित किया था। अब लोग अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने के बजाय,बचते हैं। इस बजह से ये बुराइयां बढ़ रहीं हैं।
आयोजन अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना ने कहा कि आगरा में यह आयोजन एक प्रकाश स्तंभ की तरह है, जो समाज को प्रेरणा देता है। विशेष अतिथि यादराम वर्मा एवं दीनानाथ तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में जी.जी. माथुर, कृष्णा दत्ताचार्य, डॉ.पुष्पा श्रीवास्तव, बृजेश सुतेल, प्र.समाज सेवी हरीश चिमटी, सिराज कुरैशी, समी आगाई, रीतेश गुप्ता, डॉ.कुसुम चतुर्वेदी, अशोक अश्रु, चंद्रशेखर शर्मा, हरीश अग्रवाल, हरीश भदौरिया, डॉ. असीम आनंद, मीरा परिहार, रमाकांत सारस्वत, सक्षम,अयान सहित अनेक साहित्यकारों ने शहीदों को समर्पित रचनाओं का पाठ कर देशभक्ति का भाव जगाया।
इस अवसर पर प्रो.अश्विनी सक्सेना एवं सुशील सरित ने जलियांवाला बाग पर आधारित एक गीतात्मक पटकथा का सस्वर वाचन प्रस्तुत किया। आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्ता,मोहन सिंह सोलंकी, नीरज स्वरूप, राजीव शर्मा, निशीथ स्वरूप एवं शंभू चौबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुशील सरित एवं शशि शिरोमणि ने संयुक्त रूप से किया।
रिपोर्ट : असलम सलीमी

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