आगरा में हरियाली बढ़ाने को निजी भूमि पर वृक्षारोपण जरूरी : डीएम



जिला पर्यावरण समिति की बैठक में उठे तीखे सवाल, नीतियों की होगी समीक्षा

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 7 मई। आगरा में हरियाली बढ़ाने और वायु प्रदूषण कम करने को लेकर आयोजित जिला पर्यावरण समिति की बैठक में निजी भूमि पर वृक्षारोपण की बाधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता के.सी. जैन ने कहा कि जब किसानों और निजी भू-धारकों को पेड़ काटने की अनुमति के लिए जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है तथा एक पेड़ काटने पर 10 पेड़ लगाने जैसी शर्तें लागू होती हैं, तो ऐसी स्थिति में कोई किसान पेड़ लगाने के लिए प्रेरित नहीं होगा।

बैठक में बताया गया कि लगभग 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैले टीटीजेड क्षेत्र में वन आवरण मात्र 3 प्रतिशत तथा आगरा जिले में करीब 6 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 22 प्रतिशत और लक्ष्य 33 प्रतिशत निर्धारित है। इस पर जिलाधिकारी ने माना कि निजी भूमि पर वृक्षारोपण के बिना हरियाली का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता और पूरे मामले की समीक्षा कराने का आश्वासन दिया।

वरिष्ठ अधिवक्ता जैन ने आगरा के उत्तरी बाईपास के निर्माण के बाद भी गैर-गंतव्य भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय वर्ष 1996 और 2006 में इस संबंध में आदेश दे चुका है। जिलाधिकारी ने ट्रैफिक अधिकारियों से चर्चा के बाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर भारी वाहनों को रोकने और कीठम व कुबेरपुर पर बैरियर लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट करने की बात कही।

बैठक में सार्वजनिक पार्कों में मियावाकी पद्धति से अत्यधिक सघन वृक्षारोपण पर भी सवाल उठे। अधिवक्ता जैन ने कहा कि पार्क बच्चों और स्थानीय निवासियों के उपयोग के लिए होते हैं, जबकि अत्यधिक सघन पौधारोपण से खुला स्थान समाप्त हो जाता है। उन्होंने पार्कों में हॉर्टीकल्चर वेस्ट के निस्तारण के लिए गड्ढे बनाए जाने की आवश्यकता भी बताई। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने शहर में एवेन्यू प्लांटेशन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए अमलताश, गुलमोहर जैसे छायादार और आकर्षक पेड़ लगाने की बात कही। साथ ही नगर निगम को निर्देश दिए कि सड़क किनारे अधिक से अधिक पौधे ट्री-गार्ड के साथ लगाए जाएं ताकि पूरे शहर में हरियाली बढ़ सके। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लगभग दो लाख पौधों में से कम से कम 10 प्रतिशत सड़क किनारे लगाए जाएं।

बैठक में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम से बिंदुवार कार्ययोजना मांगी गई। जिलाधिकारी ने पूछा कि शहर की कुल सड़कों में कितने हिस्से पर दोनों ओर टाइल्स लगाई गई हैं ताकि रोड डस्ट को कम किया जा सके। संजय प्लेस क्षेत्र में फुटपाथ विकास की योजना भी नगर निगम से प्रस्तुत करने को कहा गया।

रिपोर्ट : असलम सलीमी