सुमन कल्याणपुर को भावभीनी श्रद्धांजलि, संगीत साधकों ने गाकर याद किए अमर गीत



"जाने वाले कभी नहीं आते,जाने वालों की याद आती है"

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। स्वर कोकिला एवं सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर की स्मृति में जानकी संगीत संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में मारुति स्टेट स्थित कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा एवं संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगीत साधकों ने उनके लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ तुम्हारी पूजा तोमर द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा कॉलेज के संगीत विभाग की प्रोफेसर आन्शवना सक्सेना ने की। उन्होंने कहा कि सुमन कल्याणपुर किसी भी दृष्टि से अपने समकालीन गायकों से कम नहीं थीं, लेकिन फिल्म जगत की परिस्थितियों और राजनीति के कारण उन्हें वह पहचान और अवसर नहीं मिल सके, जिनकी वे वास्तव में हकदार थीं।

मुख्य अतिथि बी.के. गुप्ता ने कहा कि सुमन कल्याणपुर के गीत सुनते समय ऐसा अनुभव होता है मानो उनकी आवाज में लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों के स्वरों का सुंदर समन्वय हो। वरिष्ठ साहित्यकार एवं संगीत प्रेमी सुशील सरित ने उनके जीवन और संगीत यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने अपने दौर के लगभग सभी प्रमुख गायकों के साथ युगल गीत गाए। उनका पहला फिल्मी गीत एक लोरी थी, जो फिल्म मंगू में शामिल किया गया था तथा इसके संगीतकार मोहम्मद शफी थे।

इसके बाद श्रद्धांजलि स्वरूप उनके लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। बी.के. गुप्ता ने "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे", हरीश अग्रवाल ने "न तुम हमें जानो", प्रो. आन्शवना सक्सेना एवं सुशील सरित ने "न जाने कहाँ तुम थे, न जाने कहाँ हम थे", जबकि दिनेश श्रीवास्तव ने "दिल ने फिर याद किया" गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि सुमन कल्याणपुर के गायन में शास्त्रीय संगीत की गहरी छाप दिखाई देती है। यही कारण है कि उनका गीत "अजहूं न आए बालमा, सावन बीता जाए" आज भी संगीत प्रेमियों के बीच विशेष स्थान रखता है।

कार्यक्रम में डॉ. असीम आनंद, डॉ. रमेश चंद्र, दिव्यांशी, लवेश अग्रवाल, शिव नीरज स्वरूप सहित अनेक संगीत प्रेमियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। अंत में सभी कलाकारों एवं उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से "रहें ना रहें हम, महका करेंगे" गीत प्रस्तुत कर स्वर्गीय सुमन कल्याणपुर को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम का संचालन सुशील सरित ने तथा धन्यवाद ज्ञापन लवेश अग्रवाल ने किया।

रिपोर्ट : असलम सलीमी