50 महिलाओं की BMD स्क्रीनिंग में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े, उम्र बढ़ने के साथ बढ़ी कमजोरी
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी (AOS) के जन-जागरूकता अभियान “Agra Moves Better–2026” के तहत रविवार को जिला कारागार, आगरा में महिला बंदियों एवं कारागार कर्मचारियों की Bone Mineral Density (BMD) स्क्रीनिंग की गई। इसी क्रम में ओम मेडिकल कॉम्प्लेक्स, खंदारी में भी BMD शिविर आयोजित किया गया।
जिला कारागार में 21 से 65 वर्ष आयु की 50 महिला बंदियों की स्क्रीनिंग के आंकड़ों में 45 महिलाओं यानी 90 प्रतिशत में स्क्रीनिंग वैल्यू −1.0 से कम पाई गई। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की स्थिति में गिरावट का संकेत भी सामने आया। 40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं का औसत स्कोर −1.36, 40–49 वर्ष में −1.83, 50–59 वर्ष में −2.11 और 60 वर्ष या अधिक आयु में −2.36 रहा। 60 वर्ष से अधिक आयु की 10 महिलाओं में से 9 की स्क्रीनिंग वैल्यू −2.0 या उससे कम रही।
AOS ने बताया कि आंकड़े इस बात की ओर संकेत करते हैं कि महिलाओं को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति कम उम्र से ही जागरूक होने की जरूरत है। संतुलित एवं प्रोटीनयुक्त आहार, कैल्शियम-विटामिन डी, पर्याप्त धूप और नियमित शारीरिक गतिविधि बोन हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जिला कारागार में पुरुष बंदियों और जेल कर्मचारियों की भी BMD स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें जांच परिणाम के आधार पर हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
AOS ने स्पष्ट किया कि शिविर में की गई BMD जांच प्रारंभिक स्क्रीनिंग है और इसे अकेले ऑस्टियोपोरोसिस का अंतिम निदान नहीं माना जाना चाहिए। जिन लोगों में स्क्रीनिंग वैल्यू कम पाई गई, उन्हें चिकित्सकीय मूल्यांकन तथा आवश्यकता होने पर DXA जैसी मानक जांच कराने की सलाह दी गई।
ओम मेडिकल कॉम्प्लेक्स, खंदारी में आयोजित शिविर में भी लोगों की BMD जांच कर हड्डियों की कमजोरी की समय रहते पहचान और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
AOS का संदेश :
“हड्डियों की कमजोरी का इंतजार न करें-समय रहते जानें अपनी Bone Health.”
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