पांच गोलियों की आवाज से झकझोरा, ‘सो एंड सो’ ने उठाए लोकतंत्र और समाज के सवाल



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। ‘किस्सा कहानी-8’ में वरिष्ठ कथाकार शक्ति प्रकाश ने अपनी कहानी ‘सो एंड सो’ का प्रभावशाली पाठ कर श्रोताओं को झकझोर दिया। कार्यक्रम का आयोजन रंगलीला और नई दिल्ली की कहानी पत्रिका ‘कथादेश’ की ओर से शीरोज़ हैंग आउट में किया गया।

कहानी के एक प्रसंग में एनकाउंटर के बाद पांच गोलियों की आवाज पांच किलोमीटर तक सुनाई देने और अगले दिन एक युवक द्वारा मोबाइल पर एनकाउंटर की तस्वीर देखकर सहजता से प्रतिक्रिया देने का चित्रण किया गया। इस प्रसंग ने श्रोताओं को गहरे तक प्रभावित किया।

कथा पाठ से पूर्व ‘कहानी और समाज का सच’ विषय पर विचार गोष्ठी हुई। विषय प्रवर्तन केंद्रीय हिंदी संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. रामवीर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय कहानी में सामाजिक सच की परंपरा को मुंशी प्रेमचंद ने मजबूत आधार दिया। उन्होंने आम आदमी के जीवन और संघर्षों को कहानी का विषय बनाया, जिसे बाद के कहानीकारों ने आगे बढ़ाया।

अध्यक्षता कथाकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता रामनाथ शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि कहानी में यथार्थ पूरी ताकत के साथ मौजूद है। अस्सी के दशक में लेखक राजनीति से दूरी बनाए रखता था, जबकि आज का लेखक राजनीति और सामाजिक परिस्थितियों पर प्रभावी प्रतिक्रिया देता है।

रंगलीला के निर्देशक अनिल शुक्ल ने ‘किस्सा कहानी’ आयोजन की प्रगति और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कहानी पाठ के बाद श्रोताओं ने कथाकार शक्ति प्रकाश से विभिन्न सवाल पूछे और कहानी के कथ्य तथा उसके सामाजिक सरोकारों पर चर्चा की।

आरबीएस कॉलेज के प्रो. इंद्र कुमार यादव ने कहा कि कहानी में मौजूदा समय के महत्वपूर्ण विषयों को उठाया गया है। श्रीकृष्ण ने इसे वर्तमान लोकतंत्र की चुनौतियों को रेखांकित करने वाली कहानी बताया। सीमान्त साहू ने कहानी में जन-जन की आवाज को अभिव्यक्ति देने की सराहना की।

ब्रिगेडियर विनोद दत्ता ने कहा कि उपभोक्तावादी संस्कृति ने सब कुछ तुरंत पाने की चाह बढ़ा दी है। रमेश पंडित ने कहानी की देशज भाषा को आम आदमी तक साहित्य पहुंचाने के लिए जरूरी बताया। विशाल रियाज ने कहा कि आवाज दबाने के दौर में यह कहानी आम आदमी की आवाज को सामने लाती है।

कार्यक्रम का संचालन अर्जुन सवेदिया ने किया, जबकि रमेश पंडित ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आकाशवाणी आगरा के पूर्व निदेशक नीरज जैन, शीरोज़ हैंग आउट के अजय तोमर, रामभरत उपाध्याय, डॉ. महेश धाकड़, डॉ. मधु भारद्वाज, वंदना तिवारी, मालती कुशवाह, अमरजीत सिंह, ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, मनु भाई पंड्या, दिनेश, सिद्धेश अरोरा, मोहम्मद आरिफ, हिना, शिव नारायण सिंह, अजय पचौरी, रोमी चौहान आदि मौजूद रहे।