संत रविदास मंदिर और वेदांत आश्रम का होगा जीर्णोद्धार, हवन के साथ शुभारंभ

 



संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर महासभा का संकल्प, 2 से 4 अक्टूबर तक बीएसएनएल ग्राउंड में होगा समरसता महोत्सव

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में संत शिरोमणि रविदास जी महासभा द्वारा गढ़ी भदौरिया स्थित वेदांत आश्रम एवं संत रविदास मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन एवं प्रसादी के साथ जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनकल्याण की भावना से मंदिर के पुनरुद्धार का संकल्प लिया गया।

मुख्य अतिथि अखिल भारतीय सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले,महापौर हेमलता दिवाकर, महासभा के अध्यक्ष रमेश कर्दम, सचिव अभिनव मौर्य, मीडिया समन्वयक विजय कुमार सामा,  विभाग कार्यवाह सुनील दीक्षित, विभाग प्रचारक रोहित और स्वागत महामंत्री हर्ष दिवाकर ने हवन में आहुतियां अर्पित कीं।

मुख्य अतिथि अखिल भारतीय सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समरसता, समानता और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। ऐसे महापुरुषों से जुड़ी ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों का संरक्षण केवल किसी एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

महापौर हेमलता दिवाकर ने कहा कि संत रविदास मंदिर एवं वेदांत आश्रम के जीर्णोद्धार कार्य पर 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल के पुनरुद्धार से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

महासभा के अध्यक्ष रमेश कर्दम और सचिव अभिनव मौर्य ने बताया कि संत शिरोमणि रविदास जी की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष जनजागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गढ़ी भदौरिया स्थित वेदांत आश्रम एवं संत रविदास मंदिर ऐतिहासिक महत्व रखते हैं, लेकिन समय के साथ उचित रखरखाव के अभाव में इनकी स्थिति जर्जर हो गई है। जीर्णोद्धार के माध्यम से इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहर को संरक्षित कर नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों की श्रृंखला में आगामी 2, 3 और 4 अक्टूबर को बीएसएनएल ग्राउंड में समरसता महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसमें हजारों लोग सहभागिता करेंगे।

500 वर्ष पुराने मंदिर से जुड़ा है इतिहास :

वेदांत आश्रम के अध्यक्ष शशिपाल सागर ने बताया कि आश्रम परिसर में स्थित प्राचीन मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना है। मंदिर में औरंगजेब के जमाने की सरकटी मूर्तियां रखी हुई हैं। मंदिर के ठीक पीछे लगभग 500 वर्ष पुराना कदंब का वृक्ष भी है।

उन्होंने बताया कि इसी परिसर में संत रविदास मंदिर का निर्माण वर्ष 1965 में संत ईश्वरी नाथ ने करवाया था। संत रविदास की प्रतिमा के साथ संत ईश्वरी नाथ की समाधि भी मंदिर परिसर में बनी हुई है। यहां दुर्गा मां, काली मां, हनुमान जी, भैरव जी और गणेश जी सहित अन्य विग्रह भी स्थापित हैं।

शशिपाल सागर ने बताया कि लगभग 600 वर्ग क्षेत्र में फैली इस बगीची के आसपास समय के साथ अतिक्रमण भी हो गया है। जीर्णोद्धार के संकल्प से पूरे परिसर का स्वरूप बदलने की उम्मीद क्षेत्रवासियों में जगी है।

ये रहे उपस्थित :

इस अवसर पर चौधरी श्रीचंद, चौधरी लाल सिंह, निहाल सिंह, सभासद मिथिलेश मौर्य, गोगा मौर्य, चौधरी मानसिंह, डॉ. निष्ठा शर्मा, अंजलि, मनोज राजोरा, राकेश, प्रमोद, सुनील, सतीश मौर्य, प्रताप सिंह, मनीष, माया देवी, तारा देवी, तरुण पिप्पल, वीरेंद्र निगम, जयराम, कुदरत, देवेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।