बच्चों को बांटे खिलौने, भक्तों को मिले नंदोत्सव के उपहार और विशेष प्रसादी
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अगले दिन जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर में आगरा नरेश श्री श्याम बाबा के दरबार में नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित उत्सव में मंदिर परिसर भक्तिभाव, उल्लास और बाल गोपाल की लीलाओं की मधुर अनुभूति से सराबोर नजर आया।
नंदोत्सव के अवसर पर मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक खिलौनों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से आकर्षक सजावट की गई। मंदिर में प्रवेश करते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पूरे दिन वातावरण में बाल गोपाल के जन्मोत्सव की खुशियां बिखरी रहीं।
“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...” के जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी एवं श्याम बाबा के दरबार में श्रद्धा अर्पित की। सुबह से देर रात्रि तक मंदिर आने वाले बच्चों को ट्रस्ट की ओर से खिलौने वितरित किए गए। बच्चों के उत्साह और श्रद्धालुओं की प्रसन्नता ने उत्सव को यादगार बना दिया।
मंदिर में विराजमान आगरा नरेश श्री श्याम बाबा का रंग-बिरंगे पुष्पों से मनोहारी श्रृंगार किया गया। बाबा को सुगंधित मखाने और इलायची की विशेष मालाएं अर्पित की गईं। श्रद्धालु बाबा के दिव्य एवं अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे।
उत्सव के दौरान भक्ति रस से सराबोर भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। श्याम प्रेमी भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर झूमते नजर आए और पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। “हारे के सहारे आजा, तेरा दास पुकारे...” जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबो दिया। मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रत्येक भक्त को नंदोत्सव की बधाई स्वरूप उपहार वितरित किए गए तथा श्रद्धालुओं को विशेष प्रसादी ग्रहण कराई गई।
श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि नंदोत्सव का आयोजन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास को भक्तों के साथ साझा करने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने बताया कि श्रृंगार सेवा श्री श्याम सेवक परिवार समिति, पोशाक एवं इत्र सेवा श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट, राजभोग सेवा शिवांग अग्रवाल तथा संध्या भोग सेवा श्री श्याम प्रेमी द्वारा की गई।
इस अवसर पर हेमेंद्र अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विपिन बंसल, विकास गोयल एवं अमित गोयल सहित अनेक श्याम प्रेमी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।



