जगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में भक्ति और उल्लास के बीच मनाया नन्दोत्सव,दही हांडी प्रतियोगिता में दिखा उत्साह



हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

आगरा। “आज सब मंगल गाओ माई, ननंदगृह बाजत कहां बधाई.. आज नन्दराय के आनंद भयो, नाचत गोपी करत कुलाहल,मंगलाचार भयो...” जैसे मंगल गीतों और हरे कृष्णा, हरे राम के संकीर्तन से शनिवार को महाराजा अग्रसेन सेवा सदन भक्तिमय की गंगा में मानो गोकुल धाम बन गया। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) की ओर से आयोजित नन्दोत्सव में श्रीकृष्ण जन्म की खुशियां श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्ति के साथ मनाईं। समारोह में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कीर्तन में झूमते-गाते भाग लिया।

नन्दोत्सव के लिए सेवा सदन परिसर को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के लिए सुंदर हिंडौला और पालना सजाया गया। पालने में कान्हा को झुलाने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। अपनी बारी का इंतजार करते हुए भक्त कतार में खड़े नजर आए और कान्हा के बाल स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर हुए। परंपरागत परिधानों में सजकर पहुंचे महिला-पुरुष, युवा और बच्चे हरे राम हरे कृष्णा के संकीर्तन पर देर तक नृत्य करते रहे। वातावरण में भक्ति के साथ उत्सव का उल्लास भी देखने को मिला। नन्दोत्सव के दौरान आयोजित दही हांडी प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। एकल और संयुक्त वर्ग में आयोजित प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर बुजुर्गों और युवाओं तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

एकल प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की आंखों पर पट्टी बांधकर करीब 15 फुट की ऊंचाई पर लटकाई गई दही हांडी को डंडे से तोड़ने का प्रयास कराया गया। प्रतिभागियों को तीन अवसर दिए गए। आंखों पर पट्टी होने के कारण उन्हें दिशा का अनुमान लगाने में कठिनाई हुई। नीचे खड़े साथी कभी उन्हें सही दिशा बताते तो कभी उत्साह बढ़ाते नजर आए। कई प्रतिभागी हांडी तक पहुंचने में सफल रहे, जबकि कुछ प्रयास के बावजूद लक्ष्य हासिल नहीं कर सके। युवा श्रद्धालुओं के लिए संयुक्त दही हांडी प्रतियोगिता में पिरामिड बनाकर हांडी फोड़ने की चुनौती रखी गई। जैसे ही प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर पिरामिड का आकार बनाया, पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा। हांडी टूटते ही श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई।

इससे पूर्व प्रातःकाल श्रीजगन्नाथ मंदिर के अध्यक्ष अरविंद स्वरूप ने श्रील प्रभुपाद के 128वें पूजा महोत्सव के अंतर्गत उनका अभिषेक किया। भक्तों द्वारा तैयार किए गए लगभग 250 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

संध्या समय कीर्तन और सांस्कृतिक उल्लास ने आयोजन को और भव्य बना दिया। हरे राम हरे कृष्णा के संकीर्तन में बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे आयोजन में भक्ति, परंपरा और सामूहिक उत्सव का सुंदर संगम दिखाई दिया।

इस अवसर पर संजीव मित्तल, नितेश अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, राजेश गर्ग, संजीव बंसल, कमता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, राजीव मल्होत्रा, अदिति गौरांगी, विपिन अग्रवाल, देव केशव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।