भारतीय शादी अब सिर्फ शादी नहीं, एक एक्सपीरियंस, इंस्टाग्राम और रील्स का बढ़ा प्रभाव
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा, 12 सितंबर। वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन यूपी की ओर से होटल ताजव्यू, आगरा में ‘द फ्यूचर ऑफ वेडिंग इंडस्ट्री’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने भारतीय शादियों में तेजी से बदलते ट्रेंड, ग्राहकों की नई पसंद और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर मंथन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इस दौरान वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महासचिव संदीप उपाध्याय, पर्यटन एवं वेडिंग सेक्टर विशेषज्ञ तथा होटल ताजव्यू के महाप्रबंधक शांतनु घोष, डायरेक्टर सेल्स शोहिव खान, होटल सेल्स मैनेजर देव चौधरी, शुभम स्वरूप, संगठन के संरक्षक संजय अग्रवाल, राजेश गोयल, उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल एवं पंकज गोयल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
परिचर्चा के पहले सत्र में विमल गोयल, दिलीप गुप्ता, विपिन गुप्ता, सचिन अग्रवाल और अमरीश भारद्वाज ने लग्जरी मार्की के बढ़ते चलन पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि ग्राहक अब पारंपरिक बैंक्वेट हॉल के बजाय पांच सितारा सुविधाओं वाली ओपन एयर, पूरी तरह एसी और बड़े स्पान वाली लग्जरी मार्की को प्राथमिकता दे रहे हैं। 800 से 1500 मेहमानों वाली भारतीय शादियों में यह नया स्टैंडर्ड बनता जा रहा है।
डेकोरेशन एवं डिजाइन सत्र का मॉडरेशन सौरभ सिंघल ने किया। इसमें तरुण अग्रवाल जॉनी, विमल गोयल (बिजी क्राफ्ट), रिया शर्मा और अरुण सक्सेना ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आज भारतीय शादी सिर्फ शादी नहीं, बल्कि एक एक्सपीरियंस बन गई है। ग्राहक Pinterest और Instagram से डिजाइन लेकर आते हैं और थीम बेस्ड, सांस्कृतिक, साउथ इंडियन, राजवाड़ा तथा बॉलीवुड थीम वाले डेकोर की मांग बढ़ी है। फोटो और रील के अनुकूल डेकोरेशन की मांग के कारण डेकोरेटर अब वेडिंग डिजाइनर की भूमिका निभा रहे हैं।
सोशल मीडिया एवं रील्स सत्र में देवेश पुरी और यश शिवहरे मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि आज वेडिंग वेन्यू, डेकोर और फोटोग्राफी तक का चयन सोशल मीडिया की पसंद को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। दूल्हा-दुल्हन अपनी शादी को सोशल मीडिया पर आकर्षक और वायरल देखना चाहते हैं। ऐसे में वेडिंग इंडस्ट्री को सोशल मीडिया फ्रेंडली सेवाओं पर विशेष ध्यान देना होगा।
वेडिंग फोटोग्राफी के बदलते रुझानों पर पुनीत भोजवानी, अमित जैन और सिमर सिंह ने विचार रखे। उन्होंने बताया कि पारंपरिक फोटो-वीडियो के साथ अब सिनेमैटिक शूट, कैंडिड फोटोग्राफी, ड्रोन शॉट, सेम-डे एडिट और रील एडिट की मांग बढ़ी है। फोटोग्राफर की भूमिका अब सिर्फ तस्वीरें लेने तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी शादी की कहानी को फिल्म की तरह प्रस्तुत करने की हो गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि संगठन का प्रयास है—“उत्तर प्रदेश शादियों के लिए उत्तर प्रदेश।” उन्होंने कहा कि ग्राहकों की बदलती मांग और नए ट्रेंड के साथ कदमताल करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन स्टेट बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
महासचिव संदीप उपाध्याय ने सभी सत्रों का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि आने वाला समय कोलेबोरेशन का है। सभी वेंडर्स को मिलकर ग्राहक को 360 डिग्री वेडिंग एक्सपीरियंस देना होगा।
कार्यक्रम का समापन एडमिनिस्ट्रेटर अनिल सविता के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में एक्सपर्ट इवेंट के शिरीष सिन्हा, विनीत गोयल आदि का सहयोग रहा।


