श्री रामलीला महोत्सव 2026 : ‘बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति।



रामसेतु निर्माण के साथ लंका कूच,अंगद की ललकार से गूंजा रावण दरबार

श्री रामलीला महोत्सव 2026 के अंतर्गत शनिवार को होगा सुंदर कांड का भी पाठ 

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। श्री रामलीला कमेटी द्वारा बिजली घर स्थित रामलीला मैदान में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीला में शुक्रवार को समुद्र तट पर रामेश्वरम् पूजन, समुद्र देव से मार्ग प्राप्त करने, रामसेतु निर्माण और अंगद-रावण संवाद के प्रभावशाली प्रसंगों का मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जयघोषों के बीच रामसेना के लंका कूच और रावण के अहंकार को चुनौती देते अंगद के ओजस्वी संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। 

सीता माता का पता लगाकर हनुमान जी के रामदल में लौटने के साथ ही वानर सेना में उत्साह की लहर दौड़ गई। हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम को माता सीता की स्थिति और लंका का समाचार सुनाया। इसके बाद प्रभु श्रीराम ने माता सीता को रावण की कैद से मुक्त कराने के लिए अपनी सेना सहित लंका प्रस्थान का संकल्प लिया। समुद्र के तट पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम ने समुद्र देव से सेना के पार जाने के लिए मार्ग देने की प्रार्थना की। तीन दिन तक विनय करने के बाद भी जब समुद्र देव ने मार्ग नहीं दिया, तब प्रभु श्रीराम ने क्रोधित होकर धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई। इसी प्रसंग के साथ मंच पर चौपाई-दोहों की गूंज ने वातावरण को राममय कर दिया।

भय बिनु होय न प्रीति का दिया संदेश

प्रभु श्रीराम के क्रोध को देखकर समुद्र देव प्रकट हुए और उन्होंने लंका तक पहुंचने का मार्ग सुझाया। नल और नील के सहयोग से समुद्र पर सेतु निर्माण का कार्य आरंभ हुआ। वानर सेना पत्थरों को समुद्र में डालती गई और रामसेतु आकार लेने लगा। असंभव प्रतीत होने वाला कार्य प्रभु श्रीराम की कृपा और सेना के सामूहिक प्रयास से संभव होता देख दर्शकों ने जय श्रीराम के उद्घोष किए। सेतु निर्माण के साथ रामसेना के लंका पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ और अधर्म के अंत की निर्णायक घड़ी निकट आने लगी।

अंगद की चुनौती के आगे रावण का अहंकार नहीं हुआ शांत :


लंका पहुंचने के बाद प्रभु श्रीराम ने बाली पुत्र अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजा। अंगद ने रावण को समझाया कि वह माता सीता को सम्मानपूर्वक प्रभु श्रीराम को लौटा दे और युद्ध का मार्ग छोड़कर अपने कुल तथा लंका का विनाश होने से बचाए। लेकिन सत्ता और अहंकार में डूबे रावण ने उनकी बात मानने के बजाय युद्ध की चुनौती दे दी।

जब अंगद के समझाने पर भी रावण का हृदय नहीं पसीजा, तब उन्होंने रावण की सभा में अपना पैर जमा दिया और चुनौती दी कि यदि उसके दरबार में कोई भी योद्धा उनके पैर को हिला दे, तो वे पराजय स्वीकार कर लेंगे। रावण के दरबारी योद्धाओं ने अपनी पूरी ताकत लगा दी, लेकिन कोई भी अंगद का पैर नहीं हिला सका। अंत में रावण स्वयं आगे बढ़ा तो अंगद ने उसे रोकते हुए कहा कि उनके पैर पकड़ने के बजाय यदि वह प्रभु श्रीराम के चरण पकड़ ले, तो उसका कल्याण हो सकता है। अंगद के इस निर्भीक संदेश ने रावण के अहंकार और प्रभु श्रीराम की शक्ति के बीच का अंतर स्पष्ट कर दिया। इस प्रसंग पर दर्शकों ने जोरदार जयघोष किया।


इन्होंने उतारी आरती 

गौ सेवा आयोग पशुधन विभाग रमाकांत उपाध्याय, वीना लावनिया, श्री गिरिराज जी सेवक मंडल परिवार, आगरा, आगरा क्लॉथ मर्केंटाइल एसोसियेशन और रुद्राक्ष फाउंडेशन की ओर से मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम, माता जानकी एवं अन्य स्वरूपों की आरती कर श्रद्धाभाव से अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर श्री गिरिराज जी सेवक मंडल के चरण सेवक अजय गोयल, मनोज गर्ग, पवन कुमार अग्रवाल, मनीष गोयल, नीरज अग्रवाल एवं कार्यक्रम संयोजक गौरव बंसल ने संस्था के अन्य चरण सेवकों के साथ प्रभु श्रीराम, माता जानकी और अन्य स्वरूपों को माला एवं दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से आरती कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम के उपरांत हनुमान मंदिर में सभी उपस्थित लोगों को प्रसादी वितरित की गई।


ये रहे कमेटी सदस्य उपस्थित 

इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, टीएन अग्रवाल, भगवानदास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, राकेश जैन, अजय अग्रवाल, आनंद मंगल, दिलीप अग्रवाल, संजय अग्रवाल, आयुष, शैलेश, प्रकाश चंद, सौरभ ,गौतम, राहुल गौतम आदि उपस्थित रहे।


शनिवार से रामलीला मैदान में होगा घनघोर संग्राम

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल एवं महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि 17 अक्टूबर से रामलीला मैदान में युद्ध प्रसंगों का मंचन आरंभ होगा। मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया कि शनिवार को लक्ष्मण शक्ति की लीला प्रस्तुत की जाएगी। मैदान में राम-रावण युद्ध की शुरुआत होगी, जिसमें दोनों ओर की सेनाएं आमने-सामने होंगी। रथों पर सवार राम और रावण के बीच घनघोर संग्राम, तीरों की वर्षा और युद्ध के रोमांचक दृश्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।


श्रीराम हनुमान मंदिर पर आज संगीतमय सुंदरकांड

 शनिवार को लक्ष्मण शक्ति की लीला के उपलक्ष्य में श्रीराम हनुमान मंदिर पर शाम चार बजे से लाला चंद्रभान साबुन वालों के शिष्य शिब्बीमल द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर में भव्य फूल बंगला सजाया जाएगा।