24 अक्टूबर को कमला नगर में होगा धार्मिक एवं सांस्कृतिक समारोह, बाल संत भक्त भागवत जी देंगे भक्ति और संस्कारों का संदेश
आमंत्रण पत्र का विमोचन,सुंदरकांड पाठ,दीपावली पूजन विधि और संस्कारवान परिवारों का सम्मान होगा आकर्षण
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार, भारतीय संस्कारों के संरक्षण और समाजसेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘भक्ति वेव’ संस्था की ओर से 24 अक्टूबर को कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में धार्मिक एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया जाएगा। ‘सेवा, प्रसार, सनातन’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही संस्था का ध्येय वाक्य ‘भक्ति से सेवा, सेवा से परिवर्तन’ है। समारोह में बाल संत भक्त भागवत जी बच्चों और युवाओं को भक्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश देंगे। कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र का विमोचन दयालबाग स्थित होटल पूनम प्लाजा में किया गया।
इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने सनातन संस्कृति के संरक्षण, नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सहयोग एवं सद्भाव बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
हेलो-हाय छोड़ो,भक्ति से नाता जोड़ो का देंगे संदेश :
संस्था के संस्थापक संचित गोयल ने बताया कि समारोह का मुख्य आकर्षण बाल संत भक्त भागवत जी होंगे। वह अपने प्रेरक संदेश ‘हेलो-हाय छोड़ो, भक्ति से नाता जोड़ो’ के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कारों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के मूल्यों को सामाजिक व्यवहार और सेवा कार्यों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है। संस्था की शुरुआत भी सेवा कार्यों से हुई है। भविष्य में धार्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से इस अभियान को और विस्तार दिया जाएगा।
संस्कारवान परिवारों का होगा सम्मान :
संस्था के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गोयल ने बताया कि समाज के विभिन्न वर्गों को भक्ति, संस्कार और सेवा के सूत्र में जोड़ना संस्था की प्राथमिकता है। समारोह में बच्चों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। साथ ही उन परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, जो अपने बच्चों को सनातन संस्कृति, धार्मिक संस्कारों और भारतीय परंपराओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार संस्कारों की पहली पाठशाला है और परिवारों के प्रयासों से ही सांस्कृतिक विरासत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाल संत भक्त भागवत जी के प्रशंसक हैं।
सुंदरकांड पाठ से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ :
संस्था के महासचिव तुषार गोयल ने बताया कि 24 अक्टूबर को कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे सुंदरकांड पाठ और प्रसादी से होगी। दूसरे सत्र में पंडित सुभाष चंद्र शास्त्री दीपावली पूजन की विधि, मंत्रोच्चारण के महत्व और सनातन परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करने की जानकारी देंगे। इसके माध्यम से श्रद्धालु दीपावली पूजन के धार्मिक विधि-विधान को समझ सकेंगे। शाम छह बजे से बाल संत भक्त भागवत जी की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम में अन्य संतगण भी उपस्थित रहेंगे।
चार मित्रों की चर्चा से आया संस्था बनाने का विचार :
संस्था के कोषाध्यक्ष हरीश गोयल ने बताया कि मित्रता दिवस के अवसर पर चार मित्रों के बीच हुई सहज बातचीत से ‘भक्ति वेव’ की स्थापना का विचार सामने आया। चर्चा में सनातन संस्कृति, सेवा और समाजहित के लिए ऐसी पहल करने पर विचार हुआ, जो लोगों को आपस में जोड़े और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराए। सभी मित्रों ने इस विचार का स्वागत किया और सामूहिक संकल्प के साथ संस्था के गठन की दिशा में कदम बढ़ाए।
संस्था के मार्गदर्शक नंदकिशोर गोयल ने बताया कि वह लंबे समय तक विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में अलग-अलग पदों पर कार्य कर चुके हैं। अब अपने अनुभव के माध्यम से संस्था को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को सेवा से जोड़कर समाज में संस्कार, सहयोग और सकारात्मकता का वातावरण तैयार करना संस्था का उद्देश्य है। ‘भक्ति से सेवा, सेवा से परिवर्तन’ के ध्येय के साथ सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित :
आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में लोकेश अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, देवांश अग्रवाल, महेंद्र गुप्ता, गौरिका गोयल, रोहित पुरी, प्रियंका गोयल, शालिनी गोयल, रूबी गोयल, अंजलि गोयल और विनीता अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

