स्नेहा दुबे,आई एफ एस और टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप के वार्तालाप का विरोध क्यों।✍स्वाती अग्रवाल



हिन्दुस्तान वार्ता।

हाल ही में हुए स्नेहा दुबे,आई एफ एस और टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप की वार्तालाप को लेकर कुछ लोग ज्यादा ही विरोध कर रहे हैं ,और काफी अपमानजनक बातें कर रहे हैं। लेकिन ऐसा क्यों ?  अपनी सुविधा के हिसाब से कभी मीडिया बात नहीं करना चाहती । जैसा कि कुछ व्यक्ति कह रहे हैं कि महिला पत्रकार ने बदत्तमीजी की ,लेकिन यहाँ तो ऐसी कोई बात ही नहीं हुई है । स्नेहा दुबे ने चर्चा करने से मना कर दिया और महिला पत्रकार ने जिद नहीं की। यहाँ बात खत्म हो जाती है। इस बात पर इतना बड़ा मुद्दा खड़ा करने की क्या आवश्यकता है ? 

पत्रकारिता ने कोई बहुत बड़ी गलती नहीं की है जो लोग इस व्यवहार को राजनीति से प्रेरित होकर महिला पत्रकार को कुछ भी बोल रहे हैं । नकारात्मक सोच वाले किसी की चुप्पी में भी दोष निकालते हैं। ऐसे कलम को गिरवी रखकर , हथियार बनाने वाले लोग हैं ,जो देश के लिए नहीं चंद पैसों के लिए अफवाह फैलाते हैं । ऐसी सोच जहर से कई गुना खतरनाक होती है । वीडियो देखने पर समझ में आता है कि इसमे इतना जहर घोलने की बात नहीं थी। ये तो केवल एक सामान्य घटना है । ऐसा तो होता रहता है । 

स्नेहा दुबे (आईएफएस) और एंकर अंजना कश्यप को अपनी - अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाना आता है । कृपया लोग अपने जहन में गलत अवधारणा ना पालें। सकारात्मक रहें।

 जय हिन्द।