चैम्बर ने पर्यटन,हस्तशिल्प एवं एअरपोर्ट आदि मुद्दों पर की चर्चा।

 


सिविल टर्मिनल की बाउण्ड्री वॉल बन चुकी है इसे निर्माण हेतु सौंपा जाये एएआई को।

जोड़ा जाये सभी बड़े शहरों एवं पर्यटकों स्थलों से।

जिन उड़ानों में पर्याप्त यातायात मिल रहा है उन्हें किया जाये नियमित।

 यमुना नदी में कराई जाये डि-सिल्टिंग एवं नगला पेमा पर स्वीकृत चैक डेक का निर्माण हो शीघ्र।

 ताजमहल एवं अन्य स्मारकों में रात्रि में हो सुरक्षा मानकों के साथ साफ्ट लाइट की व्यवस्था।

इसके लिए केन्द्र सरकार करें पैरवी माननीय उच्चतम न्यायालय में

 पूर्णिमा से दो दिन पूर्व एवं दो दिन बाद पर्यटकों को ताजमहल देखने की अनुमति हो सेन्ट्रल टेंक तक।

अटल जी के जन्मस्थली एवं शिवालयों की नगरी बटेश्वर को किया जाये विकसित।

हिन्दुस्तान वार्ता।

आगरा: 28 अप्रैल,चैम्बर भवन में अध्यक्ष राजेश गोयल एवं चेयरमैन प्रहलाद अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन हस्तशिल्प एवं एयरपोर्ट प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रकोष्ठ के चेयरमैन प्रहलाद अग्रवाल जी ने बताया कि आगरा में सिविल टर्मिनल जिसकी मांग 2012 में की गई थी, जो आज तक अधूरी  है। कई वर्ष पूर्व आवश्यक भूमि अधिग्रहण के बाद इसकी चारदीवारी का कार्य पूरा हो चुका है, किन्तु इसे अभी तक निर्मित करने के लिए भारतीय विमान प्राधिकरण को नहीं सौंपा गया है। 

अब इसमें कोई बाधा नहीं रह गई है। अतः मांग की गई कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र  ही इसे भारतीय विमानन  प्राधिकरण को निर्माण हेतु सौंपा जाये।

पूर्वअध्यक्ष राजीव तिवारी ने कहा कि आगरा में उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाये। आगरा से सभी बडे शहरों -  कलकत्ता, गोवा, चैन्नई, केरला (तिरुवेंद्रम), नार्थ ईस्ट आसाम के लिए उड़ाने चलाई जाये। 25 -30 वर्ष पूर्व उड़ान संख्या 407, 408 पूर्ण यातायात के साथ चलती थीं। जिन्हें बंद कर दिया है अब उन्हें पुनः चालू किया जाये। ताकि आगरा में पर्टकों का रात्रि प्रवास बढे। 

उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि आगरा से खुजराओ, बनारस, प्रयागराज, नेपाल एवं वापसी के लिए उड़ानों को नियमित रुप से चालू किया जाये। ताजमहल एवं अन्य स्मारकों में रात्रि में सॉफ्ट लाइट प्रारम्भ की जाये एवं इन्हें सुरक्षा मानकों के साथ रात्रि में खोला जाये। इस हेतु केन्द्र सरकार माननीय उच्चतम न्यायालय में पैरवी करें। फिलहाल में पूर्णिमा की चांदनी के दौरान पूर्णिमा से दो दिन पूर्व एवं दो दिन बाद में ताजमहल में पर्यटकों को सेन्ट्रल टेंक तक जाने की अनुमति प्रदान की जाये।

पूर्वअध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कहा कि नगला पेमा पर स्वीकृत चैक डेम का निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाये। यमुना नदी में डी सिल्टिंग कराई जाये। डीसिल्टिंग एवं चैक डैम के बनने से यमुना नदी में निरंतर जल भराव होगा तथा निरन्तर जल भराव से भूगर्भ जलस्तर में वृद्धि होगी। ताजमहल की नींव में लगे साल के तख्तों को नमी मिलने से मजबूती प्राप्त होगी। गन्दगी के कारण पैदा होने वाले हानिकारक कीड़े ताजमहल को क्षति नहीं पहुंचायेंगे।

चैम्बर अध्यक्ष राजेश गोयल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी की जन्म स्थली बटेश्वर  जहां शिवालयों की श्रृंखला है, को विकसित किया जाये, ताकि वहां पर पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों का आवागमन बढ़ें। शीघ्र ही एक औद्योगिक एवं पर्यटन सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा, जिसमें राज्य एवं केन्द्र के मंत्री गणों के साथ आगरा के सभी लंबित विषयों को रखकर पूर्ण कराया जायेगा। जिससे आगरा के उद्योग एवं पर्यटन का विकास होगा। पर्यटन एवं हैण्डीक्राफ्ट तथा एयरपोर्ट प्रकोष्ठ के जॉइंट चेयरमैन अनूप गोयल ने कहा कि आगरा में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है जिससे पर्यटकों के ई-चालान काफी संख्या में होते हैं। आगरा के पर्यटक उद्योग पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अतः फतेहाबाद रोड पर होटल अमर से सैल्फी पाइंट तक कम से कम 5-6 स्थलों पर पार्किंग का निर्माण किया जाये। प्रकोष्ठ  चेयरमैन प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि इन सभी विषयों  को राज्य व केन्द्र स्तर पर उठाया जायेगा।

 प्रकोष्ठ सदस्यों द्वारा सुझाव दिया गया कि जिन उड़ानों में पर्याप्त यातायात मिल रहा है उनको प्रतिदिन किया जाये।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष राजेश गोयल, उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, सेलचेयरमैन प्रहलाद अग्रवाल, सेल जॉइंट चेयरमैन अनूप गोयल, पूर्वअध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, राजीव तिवारी,  प्रकोष्ठ  सदस्यों में  कृष्ण कालरा, विशाल शर्मा, रमेश वाधवा, शांति स्वरुप, गुरमीत कालरा, संजय अरोड़ा, मनोज कुमार गुप्ता, पुनीत अरोड़ा आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे।