हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा : ईदगाह कटघर स्थित दरगाह हजरत पीर अलहाज़ तसद्दुक हुसैन अलमरूफ़ रमज़ान अली शाह चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह में बुज़ुर्गों की अता की गई रुबाई पाक का समापन बुजुर्गों की तमाम रस्म ओ रिवाज़ के मुताबिक़ किया गया । इस मौके पर दरगाह के सज्जादानशीन पीरज़ादा विजय कुमार जैन ने सभी अक़ीदतमन्दों और मुरीदेनों के साथ ठण्डाई शरबत पर रुबाई पाक का इख़्तिमाम ( समापन ) किया गया । फ़ातिहा खानी और दरगाह में सलाम हज़रत इमाम आली मक़ाम इमाम हुसैन रज़ी0 की बारगाह में पेश करते हुए मुल्क के अमन और चैन के लिए दुआ करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने मैदान ए करबला में सब्र और इंसानियत का पैग़ाम दुनिया वालों को दिया।आपने नाहक़ करने वाले यज़ीद की बैअत क़ुबूल नहीं की बल्कि मैदान ए करबला में जाम ए शहादत पीकर सब्र ओ हक़ का परचम लहरा दिया।
रुबाई की दुआ के बाद निकलने वाले ताजियों का इस्तक़बाल ( स्वागत ) जुलूस में शामिल ताजियेदारों को ठण्डाई पिलाकर किया गया।इमाम आलीमक़म की शहादत को याद करके आज आसमान भी ज़ार ओ क़तार रोया है। मौला से दुआ है कि हम को सब्र और शुक्र की नैमत अता फ़रमाए।
रुबाई के इख़्तिमाम और ताजियेदारों के जुलूस का इस्तक़बाल करने वालों में सर्वश्री सज्जादानशीन पीरज़ादा विजय कुमार जैन, ख़लीफ़ा रमज़ान ख़ान साबरी , अब्दुल सईद ख़ान आगाई, ख़लीफ़ा जमील साबरी , ख़लीफ़ा सईद साबरी , उमेश चन्देल साबरी , भूपेन्द्र चन्देल साबरी, राकेश चन्देल साबरी , बबलू भाई, हाशिम साबरी, सतीश कुमार, सय्यो भाई, सुल्तान भाई, अरमान गद्दी , रिज़वान साबरी , रूबान साबरी , आरिफ भाई , कैफ़ी जहाँ , यास्मीन साबरी , गायत्री साबरी , शिवानी साबरी ,खुशबू साबरी , ज़ाहिदा साबरी , निशा साबरी प्रमुख थे।
रिपोर्ट - असलम सलीमी


