यादें : एक आयोजन में सपरिवार जलपुरुष
अपने भरे-पूरे परिवार को छोड़कर इस दुनिया को अलविदा कह दिया
हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो
आगरा : शहर वासियों के लिए दशकों से दर्जनों स्थानों पर श्रीनाथ जी निःशुल्क जलसेवा और रैन बसेरे संचालित करने वाले सच्चे समाजसेवी बांकेलाल माहेश्वरी का बुधवार को निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे। जाते-जाते भी वे नेत्रदान कर समाज सेवा की मिसाल बन गए। उनके परिवार ने उनका नेत्रदान कराया,जिससे दो जरूरतमंदों की जिंदगी में रोशनी हो सकेगी।
पुराने शहर के सुभाष बाजार में श्रीनाथजी टैक्सटाइल्स के नाम से दरी व टैक्सटाइल का व्यापार करने वाले बांकेलाल माहेश्वरी में दीन, दुखियों की सेवा की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी।
वे शहर के कई प्रमुख स्थलों पर राहगीरों के लिए शीतल जल की प्याऊ का संचालन करते थे। यही नहीं कई सामाजिक और खेल के आयोजनों में भी आयोजकों की मांग पर जलसेवा और भीगे चने का नाश्ता भी उपलब्ध कराते थे। सर्दियों में असहाय और बेघर लोगों के लिए उनके द्वारा रैन बसेरे भी संचालित किए जाते थे। उनके इस नेक कार्य में शहर के उदारमना लोग भी सहयोगी बनते थे।
"जलसेवक” के नाम से पहचान बनाने वाले बांकेलाल माहेश्वरी ने जीवनभर लाखों प्यासों की प्यास बुझाई। उन्होंने हर जरूरतमंद की अपनी क्षमता के अनुसार मदद की। उन्होंने अपने पीछे एक भाई और दो पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़ा है। उनकी शवयात्रा गुरुवार 28 अगस्त को 48बी केशवकुंज प्रतापनगर स्थित निवास से सुबह दस बजे ताजगंज मोक्षधाम के लिए प्रस्थान करेगी।
रिपोर्ट - असलम सलीमी



