ब्रज का प्रवेश द्वार बना आगरा, गीत गोविंद वाटिका एक अनुपम प्रयास



भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरित है यहां का कण-कण

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से सराबोर हो चुका है यह शहर। समय-समय पर होने वाले आयोजनों ने एक अद् भुत भक्ति का संचार तो किया ही है, अब ताज नगरी फेस-2 में तैयार हो चुकी गीत गोविंद वाटिका में कान्हा की लीलाओं की सजीव प्रस्तुति होगी। जिससे अब यह शहर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि ब्रज का प्रवेश द्वार बन गया है। 

वैसे भी बटेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की पैतृक भूमि है,लेकिन आगरा शहर अब कन्हैया की भक्ति का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वाटर वर्क्स चौराहा स्थित गौशाला प्रांगण में दीपावली के बाद 15 दिन तक सौ वर्षों से श्रीकृष्ण लीला संस्कृति को जीवित किए हुए है। अब अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में नए आयामों को छू रही है।

इसके साथ ही जीवनी मंडी में खाटू श्याम मंदिर ने एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। इस मंदिर के निर्माण होने के बाद जगह-जगह खाटू भजन संध्या विशाल और भव्य रूप से आयोजित होती हैं। इसके अलावा पूरे साल जगह-जगह से निशान यात्राएं निकाली जाती हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तो पूरा शहर कृष्णमय हो जाता है। श्रीकृष्ण के मंदिरों पर भव्य सजावट और मेलों के आयोजन होते हैं। रावतपाड़ा में तो एक दर्जन से अधिक भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर होने से यह लघु ब्रज जैसा प्रतीत होता है।

दिसंबर महीने में गोवर्धन में होने वाले भव्य, विशाल आयोजन और उनकी शोभायात्राओं ने विशेष स्थान बना लिया है। ताजनगरी फेस-2 के जोनल पार्क के 19 एकड़ क्षेत्र में गीत गोविंद वाटिका भी अब बनकर तैयार हो गई है। यह वाटिका ब्रज की लोक संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सजीव केंद्र बनेगी। अत्याधुनिक थीम लाइटिंग और लेजर शो होगा। फाउंटेन की वाटर वॉल पर विशेष लेजर शो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करेगा, जिसमें श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का चित्रण होगा। यहां महाभारत के प्रसंग,कुरुक्षेत्र का मैदान, माखन चोर लीला और वाटर बॉडी में बनाया गया कालिया नाग आकर्षण का केंद्र है। एक एकड़ क्षेत्र में तुलसी वन विकसित किया गया है। दो एकड़ क्षेत्र में मुक्ताकाशीय मंच बनाया गया है। यहां नियमित रूप से रासलीला और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस गीत गोविंद वाटिका से दर्शकों को ब्रज के दर्शन की अनुभूति होगी। 

वर्जन :

कृष्ण लीला के सौ वर्षों से अनवरत मंचन ने इसे ब्रज का प्रवेश द्वार बनाने में महती भूमिका निभाई है। गोविंद वाटिका में  नित्य  मंचन से पर्यटक अब कृष्ण लीला का भी आनंद ले सकेंगे। यह लंबे समय किए गए प्रयास का परिणाम है। धन्यवाद  प्रदेश सरकार।

- मनीष अग्रवाल,अध्यक्ष : श्रीकृष्ण लीला समिति,आगरा


ब्रज का वैभव आगरा में भी प्रदर्शित हो रहा है। इससे युवा पीढ़ी में भक्ति की भावना बढ़ रही है। नव वर्ष के प्रथम दिन हमने इसका अहसास मंदिरों उमड़ी भीड़ से कर ही लिया है। यह एक शुभ संकेत हैं।

- आदर्श नंदन गुप्ता,वरिष्ठ पत्रकार